अंकुर कॉलोनी में शुक्रवार को मुनि विमल सागर व मुनि अनंत सागर की गाजे-बाजों के साथ अगवानी हुई। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा हुई। इसमें मुनि विमल सागर ने कहा कि स्वर्ग का सुख स्वर्ग जैसा होता है यहां की वस्तु से आप तुलना नहीं कर सकते हैं धर्म की छाया में रहोगे तो धर्म भी आपको भविष्य में छाया देगा और सभी प्रकार का सुख भी मिलेगा।
अंकुर कॉलोनी में शुक्रवार को मुनि विमल सागर व मुनि अनंत सागर की गाजे-बाजों के साथ अगवानी हुई। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा हुई। इसमें मुनि विमल सागर ने कहा कि स्वर्ग का सुख स्वर्ग जैसा होता है यहां की वस्तु से आप तुलना नहीं कर सकते हैं धर्म की छाया में रहोगे तो धर्म भी आपको भविष्य में छाया देगा और सभी प्रकार का सुख भी मिलेगा। मुनि ने कहा कि दान के क्षेत्र में जो हमने पूर्व में घोषणा की है उसे हमेशा देना, पलटना नहीं सब कुछ आपका आपके हाथ में रहेगा और निर्माल्य का खा लिया तो दर-दर की ठोकरे खाना पड़ेंगी। स्वप्न में भी दान देने का भाव बने तो उस दान को देने का प्रयास करना अपने जीवन में दान के माध्यम से ही कर्मों की निर्जरा आगम में बताई गई है। अगवानी में मंदिर के अध्यक्ष अशोक जैन पटवारी, दिनेश जैन कर्रापुर ,सुनील जैन शाहगढ़, अमरचंद जैन, महेश जैन, जिनेश जैन बहरोल, सुकमाल जैन नैनधरा, सुरेंद्र जैन मालथौन, निलेश जैन, संपत विनय, अभय, शुभम जैन, रजनीश जैन ,अंशुल शास्त्री, सौरभ संगीतकार व गौरव जैन आदि मौजूद रहे।
मुकेश जैन ढाना ने बताया कि 20 सितंबर को मुनि संघ अंकुर कॉलोनी में रहेगा। सुबह 8:30 बजे से प्रवचन होंगे। 21 सितंबर को नेहा मकरोनिया में मुनि संघ के सानिध्य में सुबह 8 बजे से क्षमा वाणी उत्सव होगा। मुनि संघ 22 सितंबर को आहारचर्या के बाद नेहानगर से भाग्योदय की ओर विहार करेंगे।