जिले के शाहपुर में दो साल पहले 4 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे में जिला न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। मंगलवार को नवम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश सिंह की अदालत ने अभिषेक रुद्री कार्यक्रम के दौरान दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के मामले में तीनों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी […]
जिले के शाहपुर में दो साल पहले 4 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे में जिला न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। मंगलवार को नवम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश सिंह की अदालत ने अभिषेक रुद्री कार्यक्रम के दौरान दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के मामले में तीनों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार पाते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई और उन्हें जेल भेज दिया गया। साथ ही प्रत्येक काउंट्स के लिए तीनों को 2-2 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।
प्रशासन ने 9 बच्चों की मौत के मामले तत्काल तीन लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट ने मकान मालिक मुलू पटेल 66 वर्ष, कार्यक्रम के आयोजक शिव पटेल 50 वर्ष और उनके बेटे संजू पटेल 26 वर्ष को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है। हादसे के समय जर्जर दीवार की अनदेखी और सुरक्षा उपायों में लापरवाही को जिम्मेदार माना गया।
4 अगस्त 2024 को रविवार सुबह करीब 10 बजे शाहपुर के हरदौल बाबा मंदिर परिसर में उक्त हादसा हुआ था। सावन के महीने में शिवलिंग निर्माण का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान मंदिर से सटी 50 वर्ष पुरानी जर्जर मिट्टी की दीवार भारी बारिश के कारण अचानक भरभरा कर गिर गई थी। दीवार का मलबा सीधे बच्चों पर गिरा। मलबे में दबे 11 बच्चों में से नौ की मौत हो गई थी, इनमें से सात ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। मृतकों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच थी। इनमें सात बच्चे अपने परिवार में इकलौते बेटे थे।
दिव्यांश पुत्र नीतेश साहू 12 वर्ष (इकलौता बेटा)
बच्चों की मौत के मामले में शासन ने सागर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की भी लापरवाही मानी थी। शासन ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए 6 प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की थी। इसमें तत्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह का तबादला कर दिया था। वहीं बीएमओ डॉ. हरिओम बंसल, शाहपुर सीएमओ धनंजय गुमास्ता और उपयंत्री वीर विक्रम सिंह को निलंबित किया गया था।