खुदाई में क्षतिग्रस्त हुई राजघाट की पेयजल लाइन एक उपयंत्री की लापरवाही की भेंट चढ़ी है।
सागर. बीड़ी अस्पताल के पास सीवर प्रोजेक्ट के लिए चल रही खुदाई में बुधवार शाम को क्षतिग्रस्त हुई राजघाट की पेयजल लाइन एक उपयंत्री की लापरवाही की भेंट चढ़ी है। उसने पेयजल लाइन के ऊपर ही सीवर लाइन का लेआउट दे दिया था, जिसके चलते खुदाई के दौरान जेसीबी से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। यह खुलासा महापौर अभय दरे द्वारा बुधवार रात 2 बजे किए गए निरीक्षण में हुआ है और इस लापरवाही का खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ रहा है।
महापौर दरे के अनुसार बीड़ी अस्पताल के पास सीवर प्रोजेक्ट का काम विगत दिनों शुरू किया गया है, इसका ले-आऊट जलप्रदाय पाइपलाइन के प्रभारी राजसिंह राजपूत को डालना था। उन्होंने इस काम में लापरवाही करते हुए हुए पेयजल लाइन के ऊपर से ही ले-आउट डाल दिया। जिससे राजघाट की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि उपयंत्री को सीवर प्रोजेक्ट की लाइन डालने के लिए ले-आउट दूसरी ओर डालना था। लापरवाही पर उपयंत्री का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। अन्य कर्मियों को चेतावनी भी दी है कि यदि भविष्य में ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
१८ वार्डों में आज आएगा पानी
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन ठीक करने के लिए भी निगम के इंजीनियर्स ने जुगाड़ का प्रयोग किया है। यहां पर लाइन का स्थाई लीकेज सुधारने की जगह उसके ऊपर सीमेंट-कांक्रीट की परत चढ़ा दी गई। इसके बाद शहर में शनिवार से डायरेक्ट सप्लाई वाले करीब १८ वार्डों में दोपहर बाद सप्लाई की जा सकती है, लेकिन पंतनगर, इतवारी, पुरव्याऊ और करीला टंकी खाली होने के कारण यहां शनिवार को सप्लाई करना संभव नहीं है। इसके अलावा मकरोनिया के भी कुछ क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित रहेगी।
कमिश्नर ने ३ डॉक्टरों की १-१ वेतनवृद्धि रोकी
सागर. कमिश्नर आशुतोष अवस्थी ने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं मिलने वाले तीन डॉक्टरों की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई अगस्त २०१७ में जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण के बाद की गई है। यहां रात के वक्त तीन डॉक्टर ड्यूटी करते नहीं मिले थे। इनमें ढाना के डॉ. अंकित जैन, शाहपुर के डॉ. रुपेंद्र पटेल और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमके बरेठिया शामिल थे। तीनों को 25 अगस्त 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उत्तर संतोषजनक नहीं पाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है।