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जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान अवतरित होते हैं : भगवत कृष्ण शास्त्री

बमोरी बीका में भागवत कथा में गुरुवार को कथा व्यास भगवत कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला […]

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Feb 06, 2026

बमोरी बीका में भागवत कथा में गुरुवार को कथा व्यास भगवत कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। शास्त्री ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। कृष्ण जन्म उत्सव पर नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमे। कथा में भाजपा नेता शैलेश केसरवानी ने कथावाचक शास्त्री का शाल श्रीफल भेंट कर व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया। कथा में करणी सेना जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह व अजब लोधी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Updated on:
06 Feb 2026 04:49 pm
Published on:
06 Feb 2026 04:46 pm
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