मजदूरों की कमी के चलते 400 रुपए दिन हुए मजदूरी, बढ़ती लागत से किसानों को हो रहा घाटा
बीना. पहले बारिश के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं और अब फसल काटने के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं मिल रहे हैं। खेतों में नमी ज्यादा होने से हार्वेस्टर भी नहीं चल पा रहे हैं। दूसरे शहरों से मजदूर आ रहे हैं, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं हैं। मजदूरों की कमी के चलते मजदूरी भी 350 से 400 रुपए दिन हो गई है।
क्षेत्र में खरीफ फसल की बोवनी करीब 56 हजार हेक्टेयर में हुई है और सोबीयान की बोवनी 41 हजार हेक्टेयर में है। फसलों की कटाई के लिए किसान हार्वेस्टर चलवाते थे, लेकिन कुछ दिन पूर्व तक हुई बारिश के कारण खेतों में नमी ज्यादा है और हार्वेस्टर खेतों में नहीं पहुंच रहे हैं। मजदूरों की जरूरत ज्यादा है और दूसरे शहरों से यहां मजूदर आ भी रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं, जिससे किसान परेशान हैं। मजदूरी भी ज्यादा देनी पड़ रही है। किसान मजबूरी में रीपर मशीन भी खरीद रहे हैं, जिससे समय पर फसल कट सके और रबी फसल की तैयारी कर सकें। किसान महेन्द्र सिंह ने बताया कि सोयाबीन की फसल पक चुकी है, लेकिन मजदूर न मिलने के कारण समय पर कटाई नहीं हो पा रही है। खेत गीला होने से हार्वेस्टर भी नहीं चल पा रहा है।
आसमान पर छा रहे बादल बढ़ा रहे चिंता
चार दिन से बारिश तो रुकी है, लेकिन आसमान पर छाए बादल किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। यदि अब बारिश होती है, तो जो फसल शेष बची है वह खराब हो जाएगी। इसलिए किसान जल्द से जल्द फसलों की कटाई कर थ्रेसिंग कराने में जुटे हैं।
रबी सीजन की तैयारी शुरू
सितंबर माह बीतने वाला है, जिससे किसानों ने रबी सीजन की तैयारी शुरू कर दी है। इस वर्ष खेतों में नमी ज्यादा होने के कारण किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी और इसके लिए समय से खेत खाली होना जरूरी है।