सहारनपुर

अम्बाला से गोंडा और बस्ती के लिए पैदल सफर कर रहे मजदूरों की दर्द भरी दास्तान आई सामने

अम्बाला से कई सौ किलोमीटर पैदल यात्रा कर देवबंद तक पहुंचे मजदूरों ने सुनाई दर्द भरी दास्तान
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Updated: 5 Apr 2020, 1:23 PM IST
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देवबन्द. एक कहावत है कि आदमी मजबूरी में कुछ भी कर सकता है। इस कहावत की हकीकत रविवार को देवबंद में देखने को मिली। यहां अंबाला से चल कर आए 20 मजदूरों का एक ऐसा जत्था पहुंचा है, जो यूपी के बस्ती और गोंडा के लिए पैदल ही यात्रा कर रहा है। इन लोगों की पैदल चल-चलकर हालत खराब हो चुकी है। हालात ये है कि बिना खाना खाए पिए ही ये मजदूर घर पहुंचने की आस में बस चले जा रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि 2 दिन से खाना नहीं मिला है, सिर्फ नमकीन या बिस्किट खाकर ही पेट भरना पड़ रहा है। इसी के सहारे हर दिन सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पैदल करनी पड़ रही है।

इन लोगों ने बताया कि पंजाब के जालंधर से हम 20 मजदूर लगभग एक सप्ताह से पैदल यात्रा कर आ रहे हैं, क्योंकि कोरोना वायरस के चलते हर जगह लॉकडाउन है, जिसकी वजह से वहां भी रहने और खाने की परेशानी हो रही थी। लिहाजा उन्होंने मन में ठान लिया कि अब घर तक का सैकड़ों किमी का सफर पैदल ही तय करेंगे। इसके बाद ये सभी बेयार-मददगार अपने-अपने सिरों पर सामान रखकर निकल पड़े, जब यह मजदूर देवबंद पहुंचे तो जब पत्रिका संवाददाता ने उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि हम पंजाब के जालंधर से आ रहे हैं। उन लोगों ने बताया कि हमने 2 दिन पहले खाना खाया था, लेकिन 2 दिन से कुछ नहीं खाया है, केवल नमकीन-बिस्किट खा कर ही अपना पेट भर रहे हैं और इसी के सहारे रात दिन पैदल चल रहे हैं। इन में से कोई कोई बहराइच और गोंडा तो कोई लखनऊ में अपना घर बता रहे हैं। यानी अभी इनका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है। अब भी ये लोग पैदल ही अपनी-अपनी मंजिल तक पहुचने के लिए चले जा रहे हैं।

इस जत्थे में से एक मजदूर सुनील ने बताया कि दसवां मुकेरिया से आए हैं। बहराइच जिला जा रहे हैं। उसने बताया कि परसों हम लोगों ने खाना खाया था, तब से खाना भी नहीं खाया मिला है। देखते हैं अभी कितने दिन लगते हैं पैदल घर जाने में। उसने बताया कि

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