
Akash Anand Rally Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सौराणा में बहुजन समाज पार्टी के नेशनल को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद की जनसभा को सिर्फ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी मानना काफी नहीं होगा। इसके पीछे सहारनपुर की उस पुरानी राजनीतिक जमीन को दोबारा हासिल करने की भी कोशिश है जहां से कभी बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी।
बता दें कि यह वही सहारनपुर जिला है जहां की हरौड़ा विधानसभा सीट से बसपा सुप्रीमो मायावती खुद 2 बार विधायक चुनी जा चुकी हैं। इसी सीट से विधायक रहते हुए उन्होंने पहली बार प्रदेश की मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। ऐसे में सहारनपुर में आकाश आनंद की जनसभा को पार्टी के पुराने जनाधार को फिर से मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर अपनी नाकामियां छिपाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 साल से भाजपा की ही सरकार है लेकिन इसका रिपोर्ट कार्ड केवल विज्ञापनों तक सीमित है। आकाश ने दावा किया कि सरकार ने विकसित और सुरक्षित यूपी के नाम पर जनता के टैक्स के 7 हजार करोड़ रुपये केवल विज्ञापनों पर फूंक दिए हैं। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आकाश ने कहा कि लोग इसे एनकाउंटर वाली सरकार कहते हैं लेकिन हकीकत यह है कि, हत्या के मामलों में यूपी पूरे देश में नंबर वन है। उन्होंने कहा कि भाजपा और सपा दोनों की सरकारों में प्रदेश ने जंगलराज देखा है।
रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर आकाश आनंद ने कहा कि जनता केवल सुरक्षा रोजगार और शिक्षा चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में प्रदेश में 25 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं जिससे गरीब और बहुजन समाज के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार भर्तियां नहीं कर रही है। पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसा होने देती है ताकि युवाओं को रोजगार न देना पड़े।
मुफ्त राशन योजना पर करारा प्रहार करते हुए आकाश आनंद ने कहा कि 10 हजार रुपये का राशन देकर सरकार युवाओं को खुद पर निर्भर बना रही है। इसके बजाय 30 हजार रुपये महीने की नौकरी से युवाओं का भविष्य ज्यादा बेहतर बन सकता है। आकाश आनंद ने तकनीक और भविष्य की चुनौतियों पर भी बेबाक बात की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से नौकरियां खतरे में हैं। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि SC, ST और OBC युवाओं को AI सिखाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है ताकि, वे भविष्य में पिछड़ न जाएं।
आकाश आनंद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश की कोई दिशा तय नहीं है। कभी वह पीडीए में पंडित की बात करते हैं तो कभी पिछड़ों की। आकाश ने सपा को भाजपा की बी टीम बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद के बेटे को ही टिकट दे दिया था। उन्होंने रालोद के चौधरी चरण सिंह के परिवार पर की गई अखिलेश की टिप्पणी को भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आकाश आनंद ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि गुर्जर हो या जाट हर समाज के लोग बसपा के समर्पित सिपाही हैं। उन्होंने मायावती के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन मान्यवर कांशीराम के बताए रास्ते पर चलकर बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के आंदोलन को एक नई राजनीतिक ऊर्जा दी है। बसपा का आंदोलन सभी समाजों को साथ लेकर चलने का काम करता है।
बहुजन समाज पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही अपने प्रत्याशियों के नाम सामने लाकर विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने की खास रणनीति पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि समय से पहले प्रत्याशियों की घोषणा होने से उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में काम करने और जनता से जुड़ने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। जनसभा को पार्टी के पुराने राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक मौजूदगी को फिर से मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस जनसभा के जरिए बसपा न केवल अपने काडर वोटरों को एकजुट करने का प्रयास कर रही है बल्कि अन्य वर्गों को भी साधने की रणनीति पर काम कर रही है।