
Akhilesh Yadav Statement Ram Temple Trust CEO: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। लंबे सैन्य अनुभव और बड़े संस्थानों के संचालन में दक्षता रखने वाले मिश्रा अब राम मंदिर की दैनिक प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा पहले सीईओ नियुक्त किए जाने पर संतों की और राजनीति दलों की प्रतिक्रिया सामने लगे है।
सहारनपुर पर राम मंदिर ट्रस्ट के नए ट्रस्टी और CEO पर मीडिया से बात करते हुए SP चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार का फैसला है। ट्रस्ट अपने फैसले खुद लेता है। ट्रस्ट के सामने एक चुनौती है क्योंकि भक्ति, भरोसे से ऊपर होती है। बीजेपी ने भक्ति को बहुत बड़ा झटका दिया है। इसलिए, जिसे भी अपॉइंट किया जाएगा, उसके लिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी। अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब राम धन की डकैती रुकेगी।
ट्रस्ट ने विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उन्होंने छह दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के 18 से अधिक विमानों पर उड़ान भरी और तीन हजार घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्हें संचालन, रणनीतिक योजना, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का व्यापक अनुभव है।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर रणनीतिक और संवेदनशील जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पश्चिमी कमान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके पास थी। ऐसे में सुरक्षा, संचालन और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय का उनका अनुभव अयोध्या में नई जिम्मेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।