
सहारनपुर की PNB करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपए के नकली नोट मिलने से हड़कंप, photo credit: AI
PNB Fake Currency: सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट में लगभग 17 करोड़ रुपए मूल्य के नकली नोटों का बड़ा घोटाला सामने आया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है और हरियाणा, उत्तराखंड तथा आसपास के जिलों में छापेमारी शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच में नकली नोटों की कीमत 7.40 करोड़ रुपए बताई गई थी, लेकिन गिनती और जांच आगे बढ़ी तो यह राशि 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इस मामले में बैंक प्रबंधन ने तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें मंडलीय कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कंसाय, सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सुशील कुमार शर्मा और हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं। इनके अलावा पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और क्या असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए थे। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इसमें बैंक के अन्य कर्मचारी तो शामिल नहीं हैं।
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब 5 अगस्त को सहारनपुर स्थित पीएनबी की घंटाघर शाखा से लगभग 11.50 करोड़ रुपए का कैश आरबीआई के जयपुर स्थित करेंसी चेस्ट भेजा गया। जयपुर में गिनती के दौरान अधिकारियों को 4,30,900 रुपए कम मिले, जिसकी सूचना मेरठ स्थित पीएनबी अधिकारियों को दी गई।
इसके बाद जब 9 अगस्त से सहारनपुर करेंसी चेस्ट का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया और ऑडिट शुरू किया गया, तो चेस्ट में 500 रुपए के नकली नोटों के 148 बंडल मिले। आगे की जांच में नकली नोटों का कुल आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पीएनबी मेरठ के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर थाना सदर बाजार में तीनों बैंक अधिकारियों और सफाईकर्मी विशाल कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जांच में सीसीटीवी फुटेज का सुराग सबसे अहम है। फुटेज में पार्ट टाइम सफाईकर्मी (हाउसकीपर) विशाल कुमार करेंसी चेस्ट के अंदर नोटों के बंडलों में से असली नोट निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। विशाल को ही जयपुर कैश भेजने से पहले बंडल व्यवस्थित करने का काम सौंपा गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि निकाले गए असली नोटों की जगह नकली नोट किसने और कैसे रखे तथा क्या विशाल किसी बड़े गिरोह के इशारे पर काम कर रहा था।
किसी बाहरी व्यक्ति के लिए करेंसी चेस्ट का एक्सेस लेना आसान काम नहीं है, क्योंकि उसे कई सुरक्षा लेयर पार करनी होंगी। ऐसे में अगर करोड़ों रुपए के असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए हैं, तो बिना अंदरूनी मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
करेंसी चेस्ट में बैंक की एक ऐसी खास जगह होती है, जहां बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा रखी जाती है और जरूरत के हिसाब से आसपास की बैंक शाखाओं को नकदी दी जा सकती है। इतना ही नहीं, बैंकों से वापस आने वाले कैश को भी यहां व्यवस्थित रखा जाता है।
Updated on:
02 Sept 2026 01:13 am
Published on:
02 Sept 2026 01:13 am
