सहारनपुर

साध्वी प्राची के बयान पर देवबंदी उलेमाआें ने किया पलटवार

बाेले- फिरकावारियत का जहर उगलने वाली बात कर रही हैं साध्वी
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Updated: 6 Oct 2017, 9:28 AM IST
Sadhvi Prachi

सहारनपुर/देवबंद. साध्वी प्राची के बयान की देवबंदी उलेमाआें ने कड़ी निंदा की है। उलेमा ने कहा है कि साध्वी प्राची का यह बयान बेतुका है कि सुबह की अजान से लाेगाें की नींद खराब हाेती है। यह केवल फिरकापरस्‍त वाली बात है। सुबह की अजान से किसी हिंदू भाई काे परेशानी नहीं हैं यह परेशानी भी केवल साध्वी काे ही हाे रही है। मुफ्ती तारीक काजमी ने यह भी कहा है कि वह एेसे कई हिंदू परिवाराें काे जानते हैं जिनके घर मस्जिद के बराबर में हैं, लेकिन उन्हें काेई परेशानी नहीं है। देश के किसी भी हिंदू भाई काे इससे काेई परेशानी नहीं है।

साध्वी के बयान पर पलटवार करते हुए मुफ्ती तारीक काजमी देवबंदी ने कहा कि हिन्दुस्तान एक सेक्‍युलर मुल्क है। अजान पर पाबंदी जैसा बयान बेतुका है। सड़कों पर नमाज हर राेज नहीं होती खास माैकाें पर लोग भीड़ हो जाने के कारण सड़कों पर नमाज अदा कर लेते हैं। आमतौर पर सभी शहरों में पांचों वक्त की नमाज मस्जिदों में ही होती है। उन्हाेंने यह भी कहा कि अभी पिछले चार-पांच साल से ही इस तरह की परेशानी नजर आने लगी है। हिन्दुस्तान को आजाद हुऐ छह दशक बीत गए हैं इससे पहले किसी काे काेई परेशानी नहीं हुई। अग्रेजाें के दौर में भी ये सब मामले थे, अजान और नमाज भी अदा होती थी। कहीं लाउडस्पीकर था ताे कहीं नहीं भी था। उस वक्त भी किसी को कोई परेशानी नहीं होती थी। बहुत सारी जगह ऐसी हैं जहां मस्जिदों के बराबर में ही हिन्दू भाईयों के घर हैं उन्हें तो कोई परेशानी नहीं हो रही है। उलेमा ने कहा कि जिन लोगों को परेशानी हो रही है। वो सिर्फ फिरकावारियत का जहर उगलने वाली बात है। नमाज के लिए इस्लाम में एक निजाम बनाया है। सुबह की अजान के समय एक-एक घर पर जाकर तो बताया जा नहीं सकता। इसलिए अजान दी जाती है, ताकि लोग उठकर मस्जिदों में नमाज अदा कर सकें। ये सारी परेशानी पांच साल के अंदर ही शुरू हुई है।

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