
Imran Masood Slams Election Commission:उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने समान नागरिक संहिता यानी UCC और चुनाव आयोग को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने उत्तराखंड में UCC लागू होने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे क्या बदलाव आया। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। मसूद ने कहा कि, "भाजपा को अभी जो करना है वह करने दीजिए। जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापस आएगी तो, हम यह सब ठीक कर देंगे।"
मीडिया एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान इमरान मसूद ने उत्तराखंड में UCC लागू किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि, UCC लागू होने से आखिर कौन सा बड़ा चमत्कार हुआ है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश को मुद्दों में उलझाए रखना चाहती है। उत्तराखंड में UCC का कानून 2024 में विधानसभा से पास हुआ था और मार्च 2024 में इसे अधिसूचित किया गया था। राज्य के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक इसके तहत विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशनशिप और उत्तराधिकार जैसे मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू की गई है।
दरअसल, Form 7 का इस्तेमाल किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करने में किया जाता है। उत्तर प्रदेश में SIR के दौरान Form 7 के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश यादव ने भी Form 7 में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए नाम हटाने के आरोप लगाए थे। इमरान मसूद ने भी आरोप लगाया कि Form 7 के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाने का बड़ा खेल चल रहा है।
इमरान मसूद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सीधे तौर पर नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग पर देश के भरोसे को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है। कांग्रेस नेता ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आज के समय में चुनाव आयोग पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है। मसूद ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।