सहारनपुर

सहारनपुर: कलेक्ट्रेट में मस्जिद गिराने के बाद निकला 25 फीट गहरा कुआं, उलेमा बोले- ‘यह मस्जिद होने का सबसे बड़ा सबूत’

Saharanpur Collectorate Mosque: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में विवादित मस्जिद ढहाए जाने के बाद मलबे से 25 फीट गहरा कुआं निकला है। देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने इसे वुज़ू का कुआं बताते हुए मस्जिद का सबसे बड़ा सबूत करार दिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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Saharanpur Collectorate Mosque Demolition
सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मलबे से निकला 25 फीट गहरा कुआं (फोटो एएनआई)

Saharanpur Collectorate Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को गिराने के बाद मलबा हटाने के दौरान एक कुआं सामने आया है। अनुमान है कि यह कुआं 25 फीट से अधिक गहरा है। इसकी सटीक गहराई और अन्य विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। इस खोज ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

मौलाना ने बताया मस्जिद का सबसे बड़ा सबूत

जमीयत दावत-उल-मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने इस कुएं को मस्जिद के अस्तित्व का सबसे बड़ा सबूत बताया। उन्होंने कहा कि आज सुबह उन्हें जानकारी मिली कि सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रेट में मस्जिद गिरा दी गई है और उसके नीचे कुआं मिला है। इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

ऐतिहासिक परंपरा का हवाला

मौलाना कारी इसहाक गोरा ने स्पष्ट किया कि पहले जब मस्जिद बनती थी तो या तो कुएं के बगल में बनाई जाती थी या वहां कुआं खोदा जाता था। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि नमाज से पहले वुजू करना जरूरी होता है। वुजू में मुंह, नाक, चेहरा, हाथ और पैर धोए जाते हैं। हर मस्जिद में पानी की जरूरत होती है। इसलिए यह कुआं बहुत बड़ा सबूत है कि वहां मस्जिद मौजूद थी।

कानूनी सबूतों का जिक्र

उन्होंने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड देखे जाएं। वकीलों के पैनल के पास सभी सबूत उपलब्ध हैं। मस्जिद गिराए जाने से पहले भी सबूत थे और गिराए जाने के बाद भी सबूत मौजूद हैं। सबसे बड़ा सबूत यही कुआं है। मौलाना ने जोर देकर कहा कि मस्जिद के खिलाफ कानून और नियमों के मुताबिक कार्रवाई नहीं की गई।

जल्दबाजी में जारी हुआ आदेश

मौलाना के अनुसार मस्जिद खाली करने का आदेश जल्दबाजी में जारी किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने कहा कि उन्होंने सीनियर अधिकारियों से बात की है, जबकि कुछ ने दावा किया कि बुलडोजर नहीं चलेगा। सभी को लगा कि कोई बीच का रास्ता निकलेगा, लेकिन आज सुबह तस्वीर बिल्कुल अलग निकली।

निष्पक्ष जांच की मांग

सहारनपुर में कोर्ट के फैसले के बाद इस निर्माण को गैरकानूनी मस्जिद बताते हुए गिराया गया। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि उन्होंने पहले भी सरकार से और इस मामले पर काम कर रहे पैनल से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जांच न्याय के साथ होनी चाहिए। किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे बहुत बड़ा अन्याय करार दिया कि 100 साल से भी ज्यादा पुरानी मस्जिद को कुछ ही मिनटों में गिरा दिया गया।

Updated on:
06 Sept 2026 07:27 pm
Published on:
06 Sept 2026 07:27 pm