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सहारनपुर में कलेक्ट्रेट वाली मस्जिद ढहाने के बाद अब अन्य मस्जिद और मदरसे रडार पर, कई को नोटिस

Saharanpur News कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने के बाद अब अन्य मस्जिदों और मदरसों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सहारनपुर में कुछ अन्य धार्मिक स्थलों को भी नोटिस दिए जा चुके हैं।
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सहारनपुर

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Shivmani Tyagi

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Updated: 6 Sep 2026, 7:45 PM IST

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कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माण ध्वस्तीकरण के बाद कुए को ढकते हुए कर्मचारी ( फोटो पत्रिका)

Saharanpur News: सहारनपुर में प्रशासन अवैध निर्माणों के प्रति सख्त हो गया है। कलेक्ट्रेट वाली मस्जिद को जमींदोज करने के बाद अब अन्य मस्जिद और मजारें भी रडार पर हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि प्रशासन की कार्यवाही इसकी गवाही दे रही है। दरअसल सहारनपुर में और देवबंद में कुछ अन्य मस्जिद और मजारें ऐसी है जिनकी शिकायतें की गई हैं। इनके मामले न्यायालय में विचाराधानी हैं। अभी तक इन मामलों को इतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था लेकिन अब जिस तरह से कलेक्ट्रेट वाली मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है उसे देखकर यहीं आशंका जताई जा रही है कि सहारनपुर की कुछ अन्य मदरसें और मस्जिद भी रडार पर आ गई है!

देवबंद में कई मस्जिद रडार पर!

कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद अब जिले की अन्य मस्जिद और मजारों पर भी ध्वस्तीकरण की गाज गिर सकती है। जिला प्रशासन की ओर से देवबंद स्थित ऐसी कई मस्जिदों और मजारों को नोटिस जारी किए गए हैं जिनका निर्माण अवैध माना गया है। इन मस्जिदों के प्रबंधन और संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिस में जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए कहा गया है। यह सभी मामले तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन हैं। आशंका जताई जा रही है कि अब इन मामलों की सुनवाई में भी तेजी आ सकती है।

ये हैं मामले

देवबंद क्षेत्र के गांव सोहनचिड़ा में स्थित एक मस्जिद की शिकायत 2012 में स्थानीय प्रशासन से की गई। आरोप है कि 0.0172 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद बना ली गई है। यह भी बताया गया कि जिस जमीन पर मस्जिद बनाई गई है उस जमीन की कीमत लगभग 11 लाख रुपये है। इस शिकायत के आधार पर मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी किया गया। मुतवल्ली अहसान के नाम से जारी किए गए इस नोटिस में मुतवल्ली से कहा गया कि 25 लाख रुपये क्षति पूर्ति के रूप में जमा कराने होंगे। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायाल में दोनों पक्षों के सुना जा रहा है।

लाखों रुपये कीमत की जमीन पर कब्जे के आरोप

इसी तरह से देवबंद क्षेत्र के गांव पंडोली से भी एक शिकायत की गई। इस शिकायत में भी कहा गया कि गांव में 0.0300 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करके मस्जिद बना ली गई है। इस शिकायत में कहा गया कि जिस जमीन पर मस्जिद बनाई गई है उस जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। इसी तरह से नागल थाना क्षेत्र के गांव छलौली में भी इस तरह की शिकायत की गई है। जिसमें करीब 0.2900 हेक्टेयर भूमि में मदरसा बनाए जाने की शिकायत की गई है। इस जमीन की कीमत शिकायती पत्र में करीब 19 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक अन्य शिकायत के अनुसार देवबंद क्षेत्र के गांव अम्बेहटा शेखा में भी अतिक्रमण करके 0.1000 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया गया और वहां पर भी मदरसा बना लिया गया। इस जमीन की कीमत भी शिकायती पत्र में करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।

अब मंडरा रहा खतरा

एक अन्य शिकायत में कहा गया कि देवबंद क्षेत्र के गांव अम्बेहटा शेखा में ही करीब 17 लाख रुपये कीमत की जमीन पर कब्जा करके उस पर मस्जिद का निर्माण करा लिया गया। इन सभी मामलों में मस्जिद और मदरसा पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दोनों पक्षों के मामले में तहसीलदार की अदालत में चल रहे हैं। शहरी क्षेत्र में जेवी जैन कॉलेज रोड स्थित एक मस्जिद के मामले में भी नोटिस जारी किया गया है। अब कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को गिराए जाने के बाद इन मस्जिदों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अदालतों में सभी मामले विचाराधीन हैं सभी मामलों में दोनों पक्षों के सुना जा रहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही निर्णय आएगा लेकिन अब कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के गिराए जाने के बाद अब इन पर भी खतरा मंडरा रहा है।