सहारनपुर

‘तुष्टिकरण की राजनीति’ कर रहा विपक्ष; सहारनपुर जाने वाले कांग्रेस और सपा प्रतिनिधिमंडलों पर डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का बयान

Mosque Demolition Case Saharanpur: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद गिराए जाने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस और सपा के प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया, जबकि सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया कदम बताया।
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Updated: 7 Sep 2026, 1:15 PM IST
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान | फोटो सोर्स- patrika.com

Mosque Demolition Case Saharanpur: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को प्रशासन की ओर से गिराए जाने के बाद सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडलों के सहारनपुर दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस और सपा के इस कदम पर सवाल उठाते हुए उन पर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

ब्रजेश पाठकने कहा, “इसका कोई मतलब नहीं है। वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और राज्य आगे बढ़ता रहेगा।”

सपा बोली- लोगों को अपील का पर्याप्त समय नहीं मिला

वहीं, समाजवादी पार्टी ने मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई और मामले की कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि सहारनपुर में एक बहुत पुरानी मस्जिद गिरा दी गई। अवधेश प्रसाद ने कहा कि अधिकारी की ओर से पहले कहा गया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को कोर्ट में भी ठीक से नहीं संभाला गया और निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए लोगों को पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

अवधेश प्रसाद बोले- जल्दबाजी में हुई कार्रवाई

अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और महंगाई, किसानों के मुद्दे, छात्रों की चिंताएं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनाव पर असर डाल सकती है।

कोर्ट के आदेश के बाद गिराई गई मस्जिद

प्रशासन ने शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी मस्जिद को गिरा दिया था। प्रशासन की ओर से इसे अवैध बताया गया था। मस्जिद गिराने की कार्रवाई शुरू करने से पहले मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद थे।

इकरा हसन को किया गया नजरबंद

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को शनिवार सुबह सहारनपुर जाना था। हालांकि, उनके निकलने से पहले ही उन्हें नजरबंद कर दिया गया। उनके घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

पिछले महीने से चल रहा था मस्जिद का विवाद

मस्जिद को लेकर विवाद पिछले महीने शुरू हुआ था। उस समय सिटी मजिस्ट्रेट ने कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए उसे गिराने का आदेश दिया था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को जिला और सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। कोर्ट ने शुरुआत में सिटी मजिस्ट्रेट के गिराने के आदेश पर रोक लगा दी थी। हालांकि, शुक्रवार को जिला और सत्र न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद गिराने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में आवाजाही पर रोक

मस्जिद गिराए जाने के बाद उसका गेट बंद कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई। परिसर के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया और मस्जिद परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

जिला मुख्यालय जाने वाली सड़कों पर भी पुलिस तैनात

जिला मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त जिला बल (AGF) और सिटी पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) और रैपिड रिएक्शन फोर्स (RRF) के जवानों को भी तैनात किया गया था।

Updated on:
7 Sep 2026, 1:15 PM IST
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