सहारनपुर

एक बार फिर सहारनपुर में हुआ जातीय संघर्ष, जमकर हुआ पथराव, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

सहारनपुर के बड़गांव में मोबाइल फोन पर बात करने को लेकर भिड़े दो पक्ष, 35 से ज्‍यादा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
2 min read
• •
Updated: 1 Nov 2018, 10:13 AM IST
Saharanpur
एक बार फिर सहारनपुर में हुआ जातीय संघर्ष, जमकर हुआ पथराव, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

सहारनपुर। जिले में एक बार फिर बुधवार को जातीय संघर्ष की चिंगारी भड़क गई। कस्बा बड़गांव में मोबाइल फोन पर तेज आवाज में बात करने को लेकर दलित और ठाकुर लड़कों के बीच विवाद के बाद पथराव हो गया। इस संघर्ष में छह से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद से कस्बे में हालात सामान्य है लेकिन पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने गुरुवार को 35 से अधिक लाेगाें के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर ली है।

पिछले साल शब्‍बीरपुर में हुआ था संघर्ष

सहारनपुर में जातीय हिंसा की चिंगारी बुझने का नाम नहीं ले रही है। पिछले वर्ष बड़गांव के शब्बीरपुर गांव में हुए जातीय संघर्ष में तीन से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इसके बावजूद जिले में हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं। छाेटी-छाेटी घटनाएं सहारनपुर में आए दिन जातीय संघर्ष का रूप ले रही हैं। अब बुधवार को एक बार फिर बड़गांव में दलित और ठाकुरों के लड़कों के बीच विवाद हो गया। विवाद मोबाइल फोन पर बात करने को लेकर हुआ था।

IMAGE CREDIT: Patrika

क्‍या था विवाद

कुछ लड़के बड़गांव कस्बे में फोन पर बात करते हुए जा रहे थे। दूसरे पक्ष के लड़कों ने उनसे मोबाइल फोन पर धीमी आवाज में बात करने को कहा। इसको लेकर हुए विवाद ने संघर्ष का रूप ले लिया। बताया जाता है कि करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ। इस पथराव में छह से अधिक लोगों को चोट लगी है। पुलिस थाना नजदीक होने की वजह से फोर्स समय रहते पहुंच गई वरना यह घटना और बड़ा रूप ले सकती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें 15 लोगों के नाम खोले गए हैं जबकि 20-30 लोग अज्ञात हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी

IMAGE CREDIT: Patrika

पुलिस की लापरवाही भी आई सामने

इस पूरे घटनाक्रम में बड़गांव पुलिस की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि संघर्ष से पहले पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद हुए विवाद ने पथराव का रूप ले लिया। एक पक्ष दलित और दूसरा पक्ष ठाकुर होने की वजह से पूरे घटनाक्रम को जातीय संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। बड़गांव थाना क्षेत्र का गांव शब्बीरपुर पहले से ही संवेदनशील रहा है। शब्बीरपुर में पिछले वर्ष दलितों के घरों में आग लगा दी गई थी। उस घटना के बाद से सहारनपुर में हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं।

Published on: