सहारनपुर

कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच नजीर बना वेस्ट का सबसे बड़ा शेल्टर हाउस, यहां रखे गए 923 लाेग

Highlights हर राेज बनता है दाे हजार लाेगाें का खाना इतने लाेगाें में भी रहता है साेशल डिस्टेंस राधा स्वामी सत्संग व्यास से लगे हैं सेवक

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सहारनपुर। कोरोना वायरस (Covid-19 coronavirus) संक्रमण के खतरे के बीच सहारनपुर में बनाया गया वेस्ट का सबसे बड़ा क्वारंटाइन हाउस साेशल डिसिटेंस के लिए लिहाज से नजीर बन गया है।

अंबाला हाइवे पर पिलखनी के पास राधा स्वामी सत्संग व्यास में चल रहे इस क्वारंटाइन हाउस या कह लीजिए शेल्टर हाउस में 923 लोगों काे रखा गया है। इतने लोग हाेने के बावजूद यहां साेशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा जाता है और हर राेज यहां सुबह, दाेपहर व शाम को दाे हजार लाेगाें काे खाना बनता है।

कई राज्यों के लाेग हैं यहां

लॉक डाउन के समय पड़ाेसी जिले हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में काम करने वाले यूपी, बिहार व उत्तराखंड के लाेग पैदल ही अपने घर जाने के लिए चल दिए थे। उस समय इन लाेगाें काे बॉर्डर पर शेल्टर दिया गया था। सहारनपुर उत्तर प्रदेश का ऐसा जिला है जिसकी सीमाएं तीन-तीन राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से मिलती हैं। सहारनपुर उत्तर प्रदेश को तीन राज्यों से जोड़ता है। उस दाैरान कई राज्यों के लाेग यूपी हरियाणा की सीमा पर आ गए थे। इनमें से 923 काे अंबाला राेड स्थित इस शेल्टर हाउस में रखा गया था।

साेशल डिस्टेंस रहता है कायम

यहां इतनी बड़ी संख्या में लाेग यहां रहते हैं बावजूद इसके साेशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। यहां पर सुबह दोपहर और शाम का खाना भी सभी लाेगाें काे दिया जाता है लेकिन इस दाैरान एक पल के लिए भी साेशल डिस्टेंस नहीं बिगड़ता। लॉक डाउन के बीच वेस्ट यूपी का यह सबसे बड़ा शेल्टर होम बताया जा रहा है। आपकाे यह जानकर हैरानी हाेगी कि यहां पर हर रोज दाे हजार लोगों का खाना बनता है। 927 लोग यहां क्वॉरंटाइन किए गए हैं और करीब 50 से अधिक स्टाफ भी है। इस तरह यहां हर राेज एक हजार लाेग खाना खाते हैं और एक हजार अन्य लाेगाें का खाना पैकेट बनाकर नगर निगम काे भी भेजा जाता है।

मनाेरंजन की भी है पूरी सुविधा

इस क्वारंटाइन हाउस में मनाेरंजन के लिए चार बड़े डिस्प्ले लगाए गए हैं। रामायण का भी प्रसारण यहां किया जा रहा है। इस क्वारंटाइन होम में रह रहे लोगों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना हो इसके लिए इन्हें फोन चार्ज करने से लेकर कपड़े धोने नहाने और रहने तक का पूरा इंतजाम किया गया है। यहां पर राधा स्वामी सत्संग व्यास से जुड़े सेवक ही सेवा करते हैं।

हर दिन बगैर मशीन बनती हैं लगभग 20 हजार राेटियां

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस क्वारंटीन हाउस में रहने वाले सभी लाेगाें के लिए राधा स्वामी सत्संग व्यास की रसाेई से खाना बनता है। यहां हर राेज 20 से 25 हजार राेटियां बनती हैं। इससे भी अधिक चाैंका देने वाली बात यह है कि यहां ना ताे काेई मशीन है और ना ही गैस का इस्तेमाल हाेता है। यहां राेटियां लकड़ी वाले चूल्हे पर सिकती हैं। कमिश्नर संजय कुमार ने भी यहां निरीक्षण किया और यहां बन रहे खाने के साथ-साथ यहां की सुविधाओं को भी परखा। इस दौरान उन्होंने भी व्यवस्थाओं की तारीफ की और कहा कि लॉक डाउन के बीच सहारनपुर का यह शेल्टर होम नजीर से कम नहीं है।

Published on:
11 Apr 2020 08:56 pm
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