सम्भल

‘औरंगजेब हिंदुओं का दुश्मन था’, ‘गड़े मुर्दे’ नहीं उखाड़ने चाहिए: आचार्य प्रमोद कृष्णम

नागपुर हिंसा को लेकर विपक्ष लगातार देवेंद्र फडणवीस सरकार पर आरोप लगा रही है। विपक्ष के आरोपों पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बयान दिया है। आइए आपको बताते हैं उन्होंने औरंगजेब को लेकर क्या कहा।

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Mar 19, 2025

कल्कि पीठाधीश्वर ने कहा कि विपक्ष देश को तोड़ना चाहता है। हिंदू और मुसलमानों में दुश्मनी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मुसलमान को गुमराह करके उन्हें भारत से दूर करने की साजिश विपक्ष रच रहा है। जहां तक औरंगजेब का सवाल है तो वह एक क्रूर बादशाह था।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि औरंगजेब ने हिंदुओं पर बहुत जुल्म किए, हिंदुओं को तबाह किया, हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। वह एक क्रूर बादशाह था। वह इस्लाम का पैगंबर नहीं था। अब बात यह कि उसके कब्र को हटाने को लेकर बवाल हो रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि औरंगजेब हिंदुओं का दुश्मन था। लेकिन, मरने के बाद किसी की कब्र को तोड़ना, कब्र को खोदना, गड़े-मुर्दे उखाड़ना यह तालिबान का काम है, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में हो सकता है। लेकिन, भारत में नहीं हो सकता है।

सनातन के लोग कब्रों को तोड़ने का काम नहीं करते

भारत के लोग, सनातन के लोग कब्रों को तोड़ने का काम नहीं करते। कब्रों को तोड़ने का काम आंतकवादी करते हैं। भारत सृजन करता है, वह विद्रोह नहीं करता है। मैं समझता हूं कि औरंगजेब की तारीफ करना अलग बात है और उसकी कब्र को तोड़ना अलग बात है।

संसद सत्र के दौरान वक्फ संशोधन बिल पेश होने से पहले हो रहे विरोध प्रदर्शन पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि हिंदुस्तान की जितनी जमीन है, उस पर भारत का अधिकार है। भारत की जमीन ना हिंदुओं की है, ना मुसलमान की है, वह भारत की है। भारत की सरकार भारत की जनता के लिए जो फैसला लेगी उसका स्वागत करना चाहिए।

कुछ लोग संभल को बदनाम करना चाहते हैं

संभल में नेजा मेला पर रोक पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि संभल एक पुराणिक स्थान है, संभल में भगवान कल्कि का अवतार होना है, जहां भगवान कल्कि का अवतार होगा, उसी धरती पर भारत के प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। 'कल्कि धाम का निर्माण हो रहा है पूरी दुनिया कल्कि धाम के निर्माण का स्वागत कर रही है पूरी दुनिया में श्री कल्कि भगवान के अवतार की प्रतीक्षा हो रही है। ऐसे में कुछ लोग संभल को बदनाम करना चाहते हैं। यहां की पुलिस व्यवस्था को पूरे मामले को देखना चाहिए। देश कानून से चलेगा, देश संविधान से चलेगा, देश किसी फरमान से नहीं चलेगा।

सोर्स: IANS

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