Sambhal Violence: हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने धमकियों की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें बार-बार धमकाया जा रहा है।
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में मंगलवार को हिंसा का तीसरा दिन है। हालात को सामान्य करने के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन एहतियातन इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद हैं। पूरे शहर में आरएएफ और पुलिस बल तैनात है, जो लगातार मार्च कर रही है। जामा मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
इस बीच, हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने धमकियों की शिकायत की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उन्हें बार-बार धमकाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर उनकी मां को अपशब्द कहे जा रहे हैं। विष्णु शंकर ने कहा, "मैं साफ कहना चाहता हूं कि धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। जो करना है, करते रहें। मैं अपना काम पूरी मजबूती से करता रहूंगा।"
वहीं, मुस्लिम पक्ष की पैरवी करने वाले वकील जफर अली ने कहा कि संभल में जो घटना हुई है उसके लिए संभल एसडीएम और सीओ जिम्मेदार हैं। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि सर्वे की जानकारी चंद घंटे पहले दी गई थी। मुस्लिम पक्ष पर जो आरोप लगाया जा रहा है कि हमारी ओर से यह सुनियोजित थी। मैं कहना चाहता हूं कि हमारी ओर से कुछ भी नहीं था। संभल की हिंसा पुलिस प्रशासन की ओर से सुनियोजित थी।
जफर अली ने कहा कि चार लोगों की मौत के लिए एसडीएम और सीओ जिम्मेदार है। एसडीएम ने जबरदस्ती शाही जामा मस्जिद में वुजू करने की जगह को खाली कराया जिससे लोगों को लगा कि खुदाई हो रही है। इससे जनता उग्र हो गई। उन्होंने कहा कि वह सर्वे के दौरान सर्वे करने वाली टीम के साथ थे। सर्वे में कुछ नहीं मिला।
जफर अली ने कहा है कि संभल हिंसा में मुस्लिम पक्ष की ओर कोई फायरिंग नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की ओर से गोलियां चलाई जा रही थी और "मैं इसका साक्षी हूं"।
बता दें कि 24 नवंबर की सुबह संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस दौरान मस्जिद के पास अराजक तत्वों ने सर्वेक्षण टीम पर पथराव कर दिया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ता चला गया। पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अराजक तत्वों को चेतावनी भी दी। हिंसा के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई।