कॉल के बाद नहीं मिली 108 तो पिता को हाथ ठेले पर रस्सी से बांध पहुंचाया अस्पताल, यहां देखें रेफरल सेवा के हाल
सतना। जिले की केंद्रीयकृत रेफरल सेवा बेपटरी हो चुकी है। गंभीर मरीजों को कॉल के बाद भी वाहन नहीं मिल पा रहे है। परिजन मजबूरी में रिक्शे, हाथ ठेले पर लेकर पीडि़तों को अस्पताल पहुंच रहे हैं। एेसी ही स्थिति रवि-सोमवार की रात देखने को मिली। कॉल के बाद भी 108 एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो परिजन हाथ ठेले पर लिटा पीड़ित को लेकर अस्पताल पहुंचे। बुद्धई साकेत निवासी हनुमान नगर नई बस्ती गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन के शिकार हो गए।
पुत्र दीनदयाल ने बताया, कॉल सेंटर को कई फोन किए, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। मजबूरी में पिता को हाथ ठेले पर रस्सी से बांध अस्पताल पहुंचाना पड़ा। दूसरा मामला अस्पताल में सामने आया। चंद्रभान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजन 108 एम्बुलेंस से मासूम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वाहन में स्ट्रेचर मौजूद नहीं था। परिजनों को मजबूरी में मासूम को कंधे के सहारे आकस्मिक चिकित्सा इकाई तक पहुंचाना पड़ा।
संरक्षण के चलते कार्रवाई नहीं
रेफर सेवा में ठेका कंपनी द्वारा बरती जा रही लापरवाही की जानकारी सीएमएचओ डॉ डीएन गौतम, नोडल अधिकारी गीता मिश्रा सहित अन्य को भी है। एेसे कई मामले सामने भी आ चुके हैं, लेकिन संरक्षण के चलते कार्रवाई तो दूर जवाब तक नहीं मांगा जा रहा है। इसका खामियाजा पीडि़तों को भुगतना पड़ रहा है।
वाहनों से आवश्यक दवाइयां गायब
108 एम्बुलेस और जननी एक्सप्रेस में आकस्मिक स्थिति के दौरान पीडि़तों को चिकित्सा मुहैया कराने रखे जाने वाले जरूरी उपकरण सहित दवाइयां गायब हैं। पीडि़तों को स्ट्रेचर भी नहीं मिल पा रहे हैं। बीते दिनों औचक निरीक्षण में लापरवाही सामने भी आई थी। दवाइयां, उपकरण वाहनों में नहीं मिले थे, लेकिन जानबूझकर लापरवाही पर पर्दा डाल दिया गया।
स्वास्थ्य महकमे की संभाग स्तरीय बैठक आज
परिवार कल्याण कार्यक्रम की संभाग स्तरीय बैठक 15 मई को सुबह 10.30 बजे सिविल लाइन स्थित निजी होटल में आयोजित की गई है। डीपीएम नृपेश सिंह ने बताया, बैठक में सभी जिलों के सीएमएचओ, डीएचओ, एएसओ, एमईआईओ, स्टोर कीपर, जिला स्टोर फार्मासिस्ट, डीपीएम, डीसीएम मौजूद रहेंगे।