
सतना। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतर्गत रघुराजनगर तहसील के जनविश्वास शिविर का आयोजन संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह की मौजूदगी में नगर निगम में आयोजित किया गया। शिविर में मिली शिकायतों का मौके पर निराकरण भी किया गया। इस दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के कन्या शिक्षा परिसर में सब्जी सप्लाई का बिल भुगतान नहीं करने के मामले में संभागायुक्त ने आजाक लेखापाल आशुतोष मिश्रा को निलंबित कर दिया। इसी तरह से अनुकंपा नियुक्ति के मामले को लंबित रखने के मामले में सहायक संचालक आवासीय निधि संपरीक्षा आरती गुप्ता को भी निलंबित करने के निर्देश दिए। हालांकि बाद में जिले के अधिकारियों द्वारा अनुकंपा पात्रता नहीं होने की जानकारी दिए जाने के बाद संयुक्त संचालक कोष लेखा रीवा संभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। इसी तरह पात्र व्यक्ति को खाद्यान्न नही देने के मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी को नोटिस जारी करने कहा। अवैध कॉलोनी में कुछ का नक्शा पास करने और कुछ का नहीं करने के मामले में भवन अनुज्ञा अधिकारी की जांच के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
शिविर के दौरान सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों में से चिन्हित मामलों की सुनवाई संभागायुक्त ने प्रारंभ की। पहली शिकायत आदिम जाति कल्याण विभाग की रही। शिकायतकर्ता रामायण कुशवाहा ने संभागायुक्त को बताया कि उसके द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग के कन्या शिक्षा परिसर में सब्जी की आपूर्ति की गई थी। इसका बिल 2024 से भुगतान नहीं किया गया है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि भुगतान कर दिया गया है, बिल में कुछ गड़बड़ी थी। 1.32 लाख रुपए का बिल था। जांच के बाद 1.04 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया है। इस पर संभागायुक्त ने कहा कि भुगतान को अभी किया है न, इस बिल का भुगतान कितने साल से रोक रखा था। बताया गया कि एक साल से देयक रुका हुआ था। इस पर संभागायुक्त ने मौके पर ही लेखापाल आशुतोष मिश्रा को निलंबित करने के निर्देश दिए।
दूसरी शिकायत नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा की रही। शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद नहीं था, जिस पर वीडियो कांफ्रेस से संभागायुक्त ने शिकायतकर्ता से बात की। शिकायतकर्ता राजकुमार साकेत ने बताया कि उसका नक्शा पास नहीं किया जा रहा है। जिस पर निगम की ओर से बताया गया कि वर्ष 2023 में कृपालपुर की आराजी क्रमांक 436/5 को अवैध कॉलोनी घोषित किया गया है। इसलिए यहां पर नक्शा पास नहीं हो सकता है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इसी जगह पर नापित और वर्मा का नक्शा पास कर दिया गया है। इस पर संभागायुक्त ने जांच के निर्देश दिए। कहा अगर गलत तरीके से यहां अन्य लोगों का नक्शा पास किया गया है तो संबंधित पर कार्यवाही करो।
तीसरी शिकायत खाद्यान्न नहीं मिलने की रही। शिकायतकर्ता अंकित कुमार ने बताया कि उसे जुलाई महीने का खाद्यान्न नहीं मिला है। संभागायुक्त को खाद्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि इन्हें मई जून तक खाद्यान्न मिला है। जुलाई माह का खाद्यान्न लेने नहीं पहुंचे थे, जिससे खाद्यान्न लेप्स हो गया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि वो खाद्यान्न लेने गया था लेकिन सर्वर फेल होने की बात कहकर खाद्यान्न नहीं दिया। अब लेप्स होना बता रहे हैं। इस पर संभागायुक्त ने कहा कि सर्वर फेल होना हितग्राही की समस्या नहीं है। मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। साथ ही शासन को लेख कर खाद्यान्न दिलाने कहा। इस दौरान सांसद ने उचेहरा में भी खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की बात कही। जिस पर बताया गया कि संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2018 में एक बंटवारा किया गया था। इसमें जमीन ऐसे व्यक्ति के नाम पर कर दी गई थी जो सहखातेदार ही नहीं है। हालांकि अब शिकायत का निराकरण कर दिया गया है। संभागायुक्त ने कारण पूछा। जिस पर बताया गया कि तत्कालीन लिपिक ने फाइल ही गायब कर दी थी। अब वह रिटायर हो चुका है। फाइल खोज ली गई है और प्रकरण निराकृत कर दिया गया है। इस प्रकरण से संबंधित तहसीलदार और पटवारी भी रिटायर हो चुके हैं। इसी तरह एक अन्य मामला लंबित ड्यूज के भुगतान का था। जिस पर बताया गया कि सभी के खाते में राशि जा चुकी है। पारिवारिक विवाद के कारण शिकायत हो रही है। सभी परिवार जनों को भी संभागायुक्त के सामने प्रस्तुत किया गया।
जनसुनवाई से पहले संभागायुक्त ने उद्योग संवाद किया। इस दौरान राइस मिल एसोसिएशन के ललित माहेश्वरी ने बताया कि यहां की धान अच्छी नहीं होती है। लिहाजा सरकार ने मिलिंग के लिए 3 साल एक्स्ट्रा सब्सिडी दी। अब इसे बंद कर दिया है। आंदोलन हुआ, अनुनय किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। 1200 मिल बंद होने की स्थिति में आ चुकी हैं। एक मिल से 100 लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है। अब स्थिति यह है कि मिलिंग नहीं होने से धान सड़ रही है। सरकार धान सड़ाने को तैयार है। लेकिन 250 करोड़ रुपए मिलिंग के देने को तैयार नहीं है। कमिश्नर ने कहा कि सुझाव बताएं ताकि हम शासन के सामने समस्या रख सकें। जिस पर मिलिंग भुगतान की पुरानी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया।
शिविर के बाद महापौर योगेश ताम्रकार ने कहा कि निगम में जन्म मृत्यु पंजीयन 100 फीसदी हो रहा है। यहां एएचपी घटक के मकानों का शत प्रतिशत एलाटमेंट हो चुका है। इस वजह से प्रदेश में दूसरा सबसे बड़ालक्क्ष्य 7000 आवास का हमे मिला है। कहा, इंडस्टि्रयल एरिया में कुछ स्थाई किस्म के अतिक्रमण हो चुके हैं जो चिन्हित हैं, इन्हें हटाने का कार्य तत्परता से होना चाहिए। यह भी कहा कि निगम क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है। ये भूमियां निगम को आवंटित कर दी जाएं तो कुछ अच्छे प्रोजेक्ट किये जा सकते हैं।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि इतने साल बाद भी समस्याएं क्यों हैं यह बड़ा प्रश्न है। अब समय आ गया है कि गंभीरता से विचार किया जाए। अधिकारी या तो समय नहीं दे पा रहे हैं या फिर रुचि नहीं है। जिससे समस्याओं का हल नहीं मिल रहा है। ये कार्यक्रम रस्म अदायगी न बने। छोटी छोटी शिकायतें जनप्रतिनिधियों की इमेज खराब करती हैं। अभियान मात्र की शिकायतें ही नहीं बल्कि पुरानी शिकायतों का भी निराकरण किया जाए। कहा, सांसद हेल्पलाइन में 983 शिकायतें मिली हैं, इसमें से महज 93 का ही समाधान हो सका है। बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें क्रमश: राजस्व, विद्युत कंपनी, नगर निगम, जिला पंचायत, पुलिस और पीएचई की हैं। इनका निराकरण प्राथमिकता में कराया जाए।
जन संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्युक कंपनी के अधिकारी ने बताया कि 187 फेल ट्रांसफार्मर हैं। संभागायुक्त ने गांवों के नाम पूछे तो अधिकारी नहीं बता सके। इस पर संभागायुक्त ने फटकार लगाते हुए कहा कि यहां घूमने आए हो। पूरी तैयारी के साथ आने को कहा गया था। डीईओ ने बताया कि साइकिल वितरण हो चुका है, 485 अतिरिक्त साइकिलों की मांग भेजी गई है। पुलिस अधीक्षक ने लंबित निराकरण की जानकारी दी जिसमें दो अपराधों की विशिष्ट जांच कराए जाने की बात कही। कलेक्टर ने बताया कि सबसे ज्यादा राजस्व शिकायतें रामपुर बाघेलान क्षेत्र से ही आती है। निराप्ण के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला बाल विकास अधिकारी को मातृ वंदना योजना के भुगतान की सही जानकारी नहीं होने पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई। कहा कि आप क्या समझते हो कि हम लोग बिना पढ़े लिखे बैठे हैं। कुछ पार्षदों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की।