अधिक मास के ये 3 उपाय, एक भी कर लेंगे तो हो जाएगी हर इच्छा पूरी
सतना। हिन्दू पंचाग के अनुसार 16 मई से अधिक मास यानी की मलमास शुरू हो रहा है। जो 13 जून तक रहेगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यह महीना भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। साथ ही अधिक मास में ज्यादातर भक्त शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग की भी पूजा करते है। इस पूरे महीने में भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजन किया जाता है व उनकी कथाएं सुनी जाती हैं।
मैहर के ज्योतिषाचार्य पं. मोहनलाल द्विवेदी के अनुसार, यदि इस महीने में कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो भगवान विष्णु अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं और उनकी हर इच्छा जैसे- धन, संपत्ति, संतान आदि पूरी करते हैं। यहां MP.PATRIKA.COM कुछ ऐसे उपाय बता रही है। जिसके माध्यम से आपको पूजा करने में आसानी होगी। साथ भी भगवान विष्णु भी प्रसन्न हो जाएंगे।
1. ब्रह्म मुहूर्त में करें नदी-सरोबर में स्नान
संतों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में रोज ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी या सरोबर में स्नान करें तो जीवन के सभी सुख प्राप्त होते हैं। इसके बाद विधि पूर्वक गायत्री मंत्र का जाप करें। स्त्रियों के लिए यह स्नान उनके पति की लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य देने वाला होता है।
2. रोज लगाएं दीपक
अधिक मास के दौरान प्रतिदिन शाम को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक लगाएं और ऊं वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इस उपाय से घर में सुख-शांति बनी रहती है और किसी भी प्रकार का कोई संकट नहीं आएगा।
3. पीली वस्तुओं का करें दान
भगवान श्रीविष्णु को पीतांबरधारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के वस्त्र धारण करने वाला। अधिक मास के दौरान पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज पहले भगवान विष्णु को अर्पण करें। इसके बाद ये सभी वस्तुएं गरीबों व जरूरतमंदों में दान कर दें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहेगी।
कैसे शुरू हुआ पुरुषोत्तम मास
संतों की मानें तो हजारों वर्ष पहले एक मलमास नाम का व्यक्ति हुआ करता था। लेकिन मलमास को मल अथवा गंदगी के नाम लोग चिढ़ाने लगे। थकहारकर एक दिन मलमास भगवान विष्णु के पास पहुंचा। बोला भगवन मेरे नाम की गलत संज्ञा दी जाती है। पृथ्वी में रहना मुश्किल हो गया है। भगवान आप ही बताएं मैं क्या करू। फिर विष्णु भगवान बोले की जाओ मैं बरदान देता हूं कि आज से तुम्हारा नाम मलमास की जगह पुरुषोत्तम मास होगा। इस माह में जो भी जातक श्रद्धा से मेरी पूजा करेंगे उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। ये महीना हर तीसरे साल तुम्हारे नाम से जाना जाएगा।
विंध्य के शिवमंदिरों में लगता है भक्तों का रेला
विंध्य क्षेत्र में पुरुषोत्तम मास का बड़ा महत्व है। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली जिलों में शिव भक्त प्रचलित शिवमंदिरों में जाकर शिवलिंग में जल चढ़ाते है। सतना के गैबीनाथ, पशुपतिनाथ, जगतदेव तालाब, रीवा के देवतालाब, रानी तालाब, सीधी के बढ़ौरा मंदिर सहित एक दर्जन मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। अधिक मास में कई भक्त एक माह निरंतर शिव मंदिरों में जाकर जल चढ़ाते है।
अधिक मास में भगवान विष्णु अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं। उनकी हर इच्छा जैसे- धन, संपत्ति, संतान आदि पूरी करते है। इसलिए भक्ति-भाव में भगवान की पूजा करें। आपकी मुरादें नहीं खाली जाएंगी।
पं. मोहनलाल द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य मैहर