4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

11 मार्च से पत्नी लापता…, पति के पैसों पर पुलिसकर्मियों ने की गोवा की सैर, दो प्रधान आरक्षक लाइन अटैच

MP News: लापता महिला की तलाश को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीडि़त पति ने आरोप लगाया है कि पत्नी की खोज के नाम पर उसे आर्थिक बोझ उठाने के लिए मजबूर किया गया, जबकि नतीजा शून्य रहा।

2 min read
Google source verification

सतना

image

Avantika Pandey

May 04, 2026

mp news satna police

mp news satna police लापता पत्नी की खोज में पति के खर्चे पर पुलिसकर्मियों ने की गोवा की सैर (source : ai image)

MP News: लापता महिला की तलाश को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीडि़त पति ने आरोप लगाया है कि पत्नी की खोज के नाम पर उसे आर्थिक बोझ उठाने के लिए मजबूर किया गया, जबकि नतीजा शून्य रहा। मामला सिविल लाइन थाना का है, जहां 11 मार्च से लापता महिला की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। महिला का पति रेलकर्मी है।

पीडि़त के मुताबिक, शुरुआती दिनों में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कुछ समय बाद एक पुलिसकर्मी ने महिला की लोकेशन गोवा में होने की बात कहकर उसे वहां चलने के लिए राजी किया। आरोप है कि इस यात्रा का पूरा खर्च टिकट, होटल और भोजन पति से ही कराया गया, जिसमें करीब 65 हजार रुपए खर्च हो गए, लेकिन महिला का कोई सुराग नहीं मिला। मामला सामने आने पर एसपी हंसराज ने दो प्रधान आरक्षकों को रविवार देर शाम लाइन अटैच कर मामले की जांच सीएसपी को सौंपी है।

गोवा यात्रा का विवरण

जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना के प्रधान आरक्षक निरंजन मेहरा औरप्रधान आरक्षक अमर ङ्क्षसह दो फरियादियों के साथ गोवा गए थे। एक अन्य मामले में अमौधा की एक नाबालिग लडक़ी की लोकेशन भी गोवा में मिली थी। बताया गया कि 10 अप्रेल की रात जबलपुर से ट्रेन के जरिए यात्रा शुरू हुई और वहां एक नाबालिग बालिका को तलाशकर निरंजन मेहरा अगले दिन वापस लौट आए लेकिन रंजीत वहीं रुके रहे। पांच दिन गोवा में रुकने के बाद भी पत्नी का कोई पता नहीं चला। इस दौरान पुलिसकर्मी पत्नी को तलाशने की बजाय महंगा खाना नाश्ता व शौक पूरा करते रहे।

फिर गोवा जाने का दबाव

पीडि़त का आरोप है कि पहली यात्रा बेनतीजा रहने के बावजूद अब दोबारा गोवा जाने के लिए दबाव बनाया गया और टिकट बुक कराने को कहा गया। उसे कहा गया कि पत्नी को ढूंढना है तो खर्च उठाना पड़ेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रवैये से आहत होकर पीडि़त ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है। 28 अप्रेल को दर्ज इस शिकायत में लापरवाही और विवेचना में देरी के आरोप लगाए गए हैं। लोकलाज के चलते पीडि़त ने अपनी पहचान उजागर नहीं की है। तीन बच्चों के पिता रेलकर्मी ने बताया कि गोवा खर्चे के बिल वह जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पेश करेगा।

पुलिस की सफाई

मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि रेलकर्मी की पत्नी की गुमशुदगी में उसके पति के साथ प्रधान आरक्षक को भेजा गया था। अगले दिन वह सतना आ गया था। उन्होंने कहा कि वापसी का टिकट थाना में जमा है। वहीं संबंधित पुलिसकर्मी का कहना है कि फरियादी ने स्वयं टिकट कराने की बात कही थी, जिसकी राशि बाद में नकद दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच जारी है और शिकायतकर्ता को बुलाया गया है।

फरियादी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी को तलाशने में लापरवाही बरती जा रही है। मामले में प्रधान आरक्षकों निरंजन मेहरा व रंजीत सिंह को लाइन अटैच कर गोवा में खर्च कराने वाले आरोप की जांच कराई जा रही है।- शिवेश सिंह बघेल, एएसपी सिटी