
सतना। ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चे के साथ-साथ मां को भी कई फायदे होते हैं। यह कहना है गायनोलॉजिस्ट डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल का। एक रिसर्च के मुताबिक, जो महिलाएं बच्चों को स्तनपान करवाती हैं उन्हें दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा काफी कम होता है। सब लोग जानते है कि शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान है। स्तनपान से ही शिशु का शरीरिक विकास होता है।
इससे न केवल शिशु को बल्कि गर्भावस्था के बाद होने वाली तकलीफों से भी नई माताओं को लाभ पहुंचता है। विश्वभर में हर साल अगस्त की 1 से लेकर 7 तारीख तक ब्रेस्ट फीडिंग वीक मानाया जाता है। यह सप्ताह स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।
ये है ब्रेस्ट फीडिंग से मां को लाभ
- डॉक्टरों के मुताबिक डिलीवरी के बाद ब्रेस्टफीडिंग से मां के मेटाबॉर्लिम में तेजी आती है। प्रेग्नेंसी के दौरान मां के मेटाबॉर्लिम में बहुत बदलाव आते हैं क्योंकि उसका शरीर बच्चे के विकास के लिए एक्सट्रा एनर्जी पैदा करता है।
- प्रेग्नेंसी में बढ़ा हुआ वजन डिलेवरी तक कम नहीं होता। ऐसे में यदि महिला ब्रेस्ट फीड कराती हैं उसके शरीर का बढ़ा हुआ वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है।
- बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करवाने से महिला को दिमाग की शांति मिलती है। इससे उसे अच्छी नींद भी आती है और तनाव मुक्त भी होती हैं। यही नहीं ऐसा करने से मां और बच्चे का भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है।
- ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर और यूट्रस कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
- बच्चे को अपना दूध पिलाने से मां के अंदर खून की कमी से होने वाले रोग दूर होते हैं।
मां-बेटे का रिश्ता दुनिया का सबसे खास रिश्ता होता है। हर मां अपने बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भरपूर कोशिश करती है। शारीरिक विकास के लिए सबसे जरूरी होता है कि बच्चे को जन्म के बाद मां का दूध दिया जाए, क्योंकि मां के दूध को ही बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार माना गया है। अधिक समय तक स्तनपान कराने वाले बच्चों की बुद्धि भी तेज हो जाती है। स्तनपान कराने वाली महिला को स्तन कैंसर का भी खतरा कम हो जाता है।
डॉ. मीनाक्षी अग्रवाल, गायनोलॉजिस्ट