सतना

मध्यप्रदेश में भीषण हादसा: सेहरा बांध में 7 दोस्तों से भरी नाव डूबी, एक की मौत, 6 बच गए सुरक्षित

नाव से गए थे बांध का लुत्फ उठान, दूसरे दिन शव हुआ बरामद, गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
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May 23, 2018
boat carrying around one people capsized in sidhi sehra bandh
boat carrying around one people capsized in sidhi sehra bandh

सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में एक नाव डूबने से भीषण हादसा हो गया। बताया गया कि मझौली थाना अंतर्गत पांड खमचौरा गांव निवासी सात दोस्त सेहरा बांध पिकनिक मनाने गए थे। जैसे ही गहराई में नाव पहुंची तो छेंद हो गया। फिर देखते ही देखते नाव डूबने लगी। 6 दोस्त डूबती नाव से बचकर बांध के किनारे पहुंच आए बल्कि एक दोस्त नाव के साथ ही बांध में समां गया। जान बचने के बाद घर पहुंचकर दोस्तों ने मृतक के घर में सूचना दी।

सूचना के बाद पूरा गांव एकत्र होकर बांध में खोजबीन शुरू कर दी। युवक के बांध में डूबने की खबर सुनकर गांव में मातम फैल गया। दो दिन तक परिजन पुलिस के साथ शव की तलाश में लगे हुए थे। फिर कहीं जाकर 24 घंटे बाद शव बरामद हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिए। जाम खुलवाने में पुलिस को तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।

ये है मामला
पुलिस के मुताबिक पांड खमचौरा गांव निवासी शुभम तिवारी पिता रमाशंकर 20 वर्ष अपने 6 साथियों के साथ सेहरा बांध में मंगलवार की दोपहर पिकनिक मनाने गया था। जहां बांध के किनारे एक नाव खड़ी थी, तो नाव में सातों युवक सवार होकर बांध की गहराई की ओर चले गए। लेकिन नाव में छेंद है इस बाद की भनक किसी को नहीं लगी। जब गहरे पानी में नाव पहुंची तो पानी भरने लगा। नाव में पानी भरता देख 6 युवक नाव से कूदकर पानी में तैरते हुए किनारे आ गए।

शुभम तिवारी को तैरना नहीं आता था

लेकिन शुभम तिवारी को तैरना नहीं आता था। जिसके कारण वह नाव से नहीं कूदा, ऐसी स्थिति में नाव के साथ युवक भी बांध में समां गया। उसके साथियों ने आनन-फानन में परिजनों को सूचना दी। परिजन बांध के पास पहुंचकर युवक की तलाश शुरू कर दी। इधर, घटना की सूचना मझौली पुलिस को दी गई। पुलिस स्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से मोटर वोट के सहारे शव की तलाश शुरू कराई। अंतत: गोताखोरों के आने के बाद शव बरामद हो पाया।

विरोध के बाद मगाए गए गोताखोर
जब लगातार तलाशने के बाद भी शव नहीं मिल पाया। तब ग्रामीणों ने पुलिस से गोताखोर मगाने की बात कही। लेकिन पुलिस ने गोताखोर नहीं मगाए गए, जिससे शव की तलाश में ज्यादा समय लगा, जिसका ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया गया, तब मजबूर होकर पुलिस को गोताखोर मगाना पड़ा।

गोताखोर मंगाने 10 हजार रुपए की मांग
बताया गया कि परिजनों ने जब पुलिस से गोताखोर की मांग की। तब पथरौला चौकी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक ने 10 हजार रुपए मांगे। जिससे परिजन आक्रोश हो गए। यहां स्थिति बेकाबू हो सकती थी लेकिन मझौली पुलिस ने बीच-बचाव कर ग्रामीणों को शांत कराया।

तीन घंटे जोगीपहाड़ी चौराहा में रहा जाम
शव की तलाश में पुलिस कर्मियो ने लापरवाही बरती। जिससे गुस्साए ग्रामीण विरोध पर उतारू हो गए। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने जोगी पहाड़ी चौराहा में चक्काजाम शुरू कर दिया। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक ने सिटी कोतवाली प्रभारी रामबाबू चौधरी सहित पुलिस लाइन से बल रवाना किया। करीब 3 घंटे तक पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी, अंतत: शव मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

Published on:
23 May 2018 04:56 pm