लुटेरों का सीधा टारगेट बैंक और बैंक से लेन देन करने वाले हैं। व्यवसायी गनपत संथालिया के साथ हुई लूट की घटना के पहले बैंक से ही रकम लेकर जा रहे मधुवेन्द्र सिंह से पौने दो लाख रुपए बाइक सवारों ने तीन महीना पहले लूट लिए थे। इसके बाद उचेहरा की एसबीआई बैंक और सितपुरा की मध्यांचल ग्रामीण बैंक को भी बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। बीते महीने चेन स्नेचिंग की भी तीन वारदातें शहरी क्षेत्र में हो चुकी हैं। इसके अलावा विदेशी सैलानी को लूटने का मामला भी पुलिस रिकॉर्ड में धूल फांक रहा है। लगातार बढ़ रहे इस तरह के अपराधों से लोगों में दहशत का माहौल बनता जा रहा है।
बैंक में जांच करने पर पता चला कि बैंक में बाहर से आने-जाने वालों की निगरानी के लिए कैमरा नहीं लगा है। अंदर लोगों के बैठने की जगह पर कैमरे का मूवमेंट नहीं है। कैश देने वाला कर्मचारी भी शक के दायरे में है, पूछताछ की जा रही है।
मौके पर मौजूद रहे प्रकाश अग्रवाल ने जब लुटेरों की तस्वीर देखी तो आरोपियों में एक को उन्होंने पहचानते हुए बताया कि वह सख्श दो दिन पहले भी बैंक में नजर आया था। लुटेरों में एक ने सफेद रंग की शर्ट और दूसरे ने आसमानी रंग की शर्ट पहन रखी थी। लूट में पल्सर गाड़ी का उपयोग किया गया है। प्राथमिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वारदात करने वाले शातिर अपराधी हैं और उन्हें शहर की सड़कों का भी सटीक अनुमान था।
एसपी ने बैंक में सीनियर मैनेजर मोती लाल हेला से पूछताछ की तो पता चला कि एक लिपिक के अवकाश पर होने से कैश काउंटर पर लोन शाखा के कर्मचारी पुष्पेन्द्र द्विवेदी को बैठाया गया था। पुष्पेन्द्र ने पुलिस को बताया कि काउंटर पर एक हजार के 57 नोट थे। गनपत को 40 नोट देने के बाद 17 बचने थे, लेकिन 15 ही बचे। दो नोट ज्यादा जाने पर ही उसने फोन किया था। बैंक में ही मौजूद एक उपभोक्ता प्रकाश अग्रवाल पुत्र नरोत्तम दास ने बताया कि गुरुवार को जब वह बैंक आए थे, तब उनकी गाड़ी की डिक्की का लॉक तोड़कर किसी ने थैला चोरी कर लिया था।
बैंक प्रबंधन से पूछताछ करते हुए एसपी के साथ पुलिस अधिकारी घटनास्थल। जहां तक आरोपी देखे गए, उस जगह पर सभी पहुंचे। कृष्णनगर रोड में अरशद ट्रेडर्स, कलर हाउस और श्वेता इंटरप्राइजेज, छम छम ज्वेलर्स में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने के बाद व्यवसायी गनपत से लुटेरों की पुष्टि कराई गई। फिर बदमाशों की तस्वीर जारी करते हुए तलाश शुरू हुई।