सतना

सिविल ड्रेस में ड्यूटी कर रहे आरक्षक को लोगों ने पीटा, रात भर रहा अफरा-तफरी का माहौल

सतना जिला अस्पताल के कैदी वार्ड क्रमांक-10 का मामला, देर रात शिकायत के बाद पहुंची कोतवाली पुलिस
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Jul 14, 2018
Cilvil dressed Constable beaten by youth in district hospital
Cilvil dressed Constable beaten by youth in district hospital

सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल स्थित कैदी वार्ड क्रमांक-10 में ड्यूटी कर रहे आरक्षकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बताया गया कि शुक्रवार की रात करीब 10 बजे एक शातिर अपराधी जिला अस्पताल पहुंचा था। जो वार्ड क्रमांक-10 के सामने से गुजर रहा था। किसी बात को लेकर बिना वर्दी पहने आरक्षक से कहा-सुनी हो गई।

इतने में आरोपी आक्रामक हो गए और आरक्षक की बेदम पिटाई कर दी। मारपीट की घटना के बाद आरक्षक ने सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद कोतवाली के दो आरक्षक मौके पर पहुंचकर आरोपी को थाने बुलाया। लेकिन आरोपी आने को तैयार नहीं हुआ। फिर बाद में आरक्षक को कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच करने की बात कही है।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक शिवम चौरसिया और अरूण कुमार तिवारी की ड्यूटी जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में लगी हुई थी। जहां अरुण कुमार तिवारी रात्रि करीब 10 बजे कैदी वार्ड के अंदर सो रहा था। जबकि दूसरा साथी आरक्षक शिवम चौरसिया वार्ड के बाहर या फिर कहीं और टहल रहा था। इसी दौरान शिवम सोनी निवासी पुष्पराज कॉलोनी अपने एक साथी के साथ अस्पताल परिसर में ही था। किसी बात को लेकर आरक्षक और शिवम सोनी की बातचीत हो गई और मारपीट तक बात पहुंच गई।

चर्चा जोरों में इस तरह..
अस्पताल के गलियारों में चल रही चर्चा के मुताबिक आरक्षक शिवम सोनी बिना वर्दी के अस्पताल में ड्यूटी कर रहा था। ऊपर से शराब के नशे में था। इसलिए शिवम सोनी और उसका एक साथी आरक्षक के साथ मारपीट कर चलते बने। फिर भी आरक्षक की एक न चली बाद में मजबूरन कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के बाद आरक्षक कमलाकर सिंह और प्रवीण तिवारी मौके पर पहुंचे। जो आरोपी के बारे में पहले से वाकिब थे। इस कारण फोन लगाकर बुलाने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी नहीं पहुंचा तो शिकायत दर्ज कराई गई।

सीसीटीवी कैमरा से हो सकता है खुलासा!
मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो जहां पर यह घटना हुई है ठीक उसके सामने सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। अगर बारीकी से जांच की जाए तो पूरी घटना के पहलू सामने आ सकते है। सोशल मीडिया में कई लोग आरक्षक का मेडिकल कराने की बात कर रहे है। इधर, उसके साथ ड्यूटी कर रहे दूसरे साथी को पूरे घटना की कोई जानकारी ही नहीं है।

Published on:
14 Jul 2018 02:29 pm