
सतना। दस्यु प्रभावित धारकुण्डी थाना क्षेत्र से डकैतों ने किसान को अगवाकर 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। शनिवार तड़के पुलिस को जानकारी मिलने के बाद जंगल में सर्चिंग शुरू की गई है। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर और रीवा डीआइजी अविनाश शर्मा भी मौके पर रवाना हो गए। मुखबिरों की मदद से अंधेरा होने तक पुलिस सर्च ऑपरेशन में जुटी रही, लेकिन अपहृत किसान और डकै तों का सुराग नहीं लग सका।
धारकुण्डी थाना प्रभारी राजेन्द्र तिवारी ने बताया, झखौरा निवासी लालमन चौधरी (45) उर्फ अब्दुल रहमान पुत्र विश्वा चौधरी का अपहरण हुआ है। लल्लू झखौरा से डेढ़ किमी दूर जंगल से लगे हरसेड़ गांव के खेत में सोने गया था। यहां से देर रात डकैतों ने उसे अगवा कर लिया। अपहृत के बेटे के पास फोन कर डकैतोंं ने 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। अपहृत के बेटे की रिपोर्ट पर मुकदमा कायम करते हुए तलाश की जा रही है।
डकैतों ने उसके छोटे बेटे को फोन किया
लल्लू को अगवा करने के बाद डकैतों ने उसके छोटे बेटे को फोन किया, जिसमें लल्लू की बात कराई। लल्लू ने ही 25 लाख रुपए फिरौती की बात बेटे को बताई। इसके बाद एक बार फिर फोन आया, जिसमें बात करने वाले ने खुद को साढ़े पांच लाख का इनामी डकै त बबुली कोल बताया और यह कहा कि पैसा नहीं मिला तो उसके पिता को गोली मार देंगे।
अपनाया था इस्लाम
पुलिस सूत्रों का कहना है कि करीब पांच साल पहले लल्लू ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। इसके बाद उसने ट्रैक्टर खरीदा, खेत में बोर कराते हुए अहरी बनाई और वहीं खेती करते हुए झखौरा में पक्का घर बना लिया था। फिलहाल उसकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। वह अक्सर रात में खेत की अहरी में सोने आता था।
कई दिनों से घूम रहे थे डकैत
दस्यु उन्मूलन अभियान में जुटे सूत्रों का कहना है कि बबली कोल और उसके साथी लवलेश का मूवमेंट कुछ दिन पहले थरपहाड़ और आस-पास के इलाकों में रहा है। इसकी भनक लगने पर भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दूसरी ओर मुखबिर तंत्र कमजोर होने से पुलिस के पास सटीक सूचना नहीं पहुंची। अब जब वारदात हुई तो भारी पुलिस बल जंगल में उतारा गया है। इसके साथ ही पुराने अनुभवी अफसर और कर्मचारियों को भी डकै तों की तलाश में भेजा गया है।
फेल है मुखबिर तंत्र
12 जून को डकै त बबुली कोल के लिए व्यापारी को अगवा करने की साजिश में तीन बदमाशों के पकड़े जाने के बाद दस्यु प्रभावित इलाके में पुलिस सुस्त पड़ गई। इसी बीच थाना प्रभारियों की बदली कर दी गई। मौजूदा समय में दस्यु प्रभावित थाना में कोई अनुभवी और पुराना थाना प्रभारी नहीं है जिसका मुखबिर तंत्र बेहतर हो। यहीं वजह है कि दस्यु दल के मूवमेंट की सूचना पुलिस को स्थानीय स्तर पर समय से नहीं मिल पाई, जबकि रीवा रेंज के कार्यालय से डकै तों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
रीवा पुलिस ने भी की सर्चिंग
पुलिस गिरोह के रीवा जिले की सीमा में प्रवेश की आशंका पर जंगल में उतर गई है। रीवा पुलिस अधीक्षक सुशांत सक्सेना अपहरण के बाद तराई की सेमरिया, डभौरा, पनवार व अतरैला पुलिस को अलर्ट कर दिया है और उनको जंगल की सर्चिंग के निर्देश दिए। सेमरिया थाना प्रभारी मनोज गौतम ने रात में ककरेड़ी, मैनहा, कटाई सहित अन्य इलाकों की सर्चिंग की और मुखबिरों को अलर्ट कर दिया। लोगों से जंगल में दिखने वाले संदिग्ध बदमाशों की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिये है।
सेमरिया क्षेत्र में बबली के कई मददगार
डभौरा थाना प्रभारी राजेन्द्र चौबे ने भी शाम को पन्ना की घाटी, गर्भे, बंडे, छमुआ सहित आसपास के जंगलों में बसे लोगों से मुलाकात जंगल में संदिग्ध बदमाशों की जानकारी ली। बबली कोल गैंग ने सेमरिया थाना के कटाई जंगल से किसान का अपहरण कर पांच लाख रुपए की फिरौती वसूली थी। सेमरिया थाना क्षेत्र में बबली गैंग के कई मददगार भी हैं जो पुलिस की मूवमेंट के साथ ही गतिविधियों की जानकारी गिरोह को देते हैं।