
Satna behind in the functioning of Smart City
सुखेंद्र मिश्रा @ सतना। देश के 98 स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल सतना में स्मार्ट सिटी निर्माण कार्य कछुआ गति से भी धीमा है। प्रदेश के सात स्मार्ट शहरों में शामिल सतना का नाम केन्द्र सरकार द्वारा सागर के साथ तीसरे चरण में 23 जून 2017 को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्मार्ट सिटी का काम फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया।
प्रदेश में सबसे फिसड्डी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर गौर करें तो सतना स्मार्ट सिटी का कार्य प्रदेश में सबसे फिसड्डी है। सतना के साथ स्मार्ट सिटी में शामिल सागर भी विकास कार्य में हमसे आगे निकल गया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सागर में स्मार्ट सिटी के 46 करोड़ के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जबकि सतना में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर अभी मात्र 51 लाख रुपए की लागत से एक प्रोजेक्ट ही प्रारंभ हो सका है।
एक साल में पूर्ण कराने थे छोटे कार्य
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अनुसार प्रथम छह माह में प्रशासन को कागजी कार्रवाई पूरी कर एक साल में प्रोजेक्ट में शामिल सभी छोटे कार्य पूर्ण कराने थे। प्रथम वर्ष केन्द्र एवं राज्य सरकार से स्मार्ट सिटी विकास के लिए 100 करोड़ का बजट मिलना था, लेकिन बजट देने में भी सतना के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। 13 माह बीते चुके हैं, लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी विकास के लिए 2 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। इतनी राशि में प्रशासन शहर विकास के बड़े प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर सकता।
मात्र एक कार्य कंट्रोल रूम का निर्माण
वर्तमान स्थिति में स्मार्ट सिटी निर्माण के नाम पर अभी 51 लाख की लागत से मात्र एक कार्य कंट्रोल रूम का निर्माण चल रहा है। सतना स्मार्ट सिटी के कार्य में देरी के पीछे एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि सतना इकलौता एेसा शहर है जहां अलग से स्मार्ट सिटी विकसित होनी है, जबकि इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के छह में शहरों को ही स्मार्ट सिटी बनाना है। सतना में अलग से स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जमीन तलाशने और उसकी डिजाइन बनाने में ही एक साल का समय लग गया।
स्मार्ट सिटी शहरों की स्थिति
इंदौर चयन वर्ष 2015
- 96.91 करोड के 28 प्रोजेक्ट पूर्ण
- 455.43 करोड़ के 46 प्रोजेक्ट प्रगति पर
भोपाल चयन वर्ष 2015
- 1207 करोड़ रुपए के 16 प्रोजेक्ट पूर्ण
- 478 करोड़ रुपए के 22 प्रोजेक्ट प्रगति पर
जबलपुर चयन वर्ष 2015
- 287 करोड़ रुपए के 11 प्रोजेक्ट पूर्ण
- 377 करोड़ रुपए के 33 प्रोजेक्ट प्रगति पर
उज्जैन चयन वर्ष 2016
- 19 करोड़ रुपए के 5 प्रोजेक्ट पूर्ण
- 155 करोड़ रुपए के 17 प्रोजेक्ट प्रगति पर
ग्वालियर चयन वर्ष 2016
- 530 करोड़ रुपए के 17 प्रोजेक्ट प्रगति पर
सागर चयन वर्ष 2017
- 1735 करोड़ रुपए के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए
- 46 करोड़ रुपए के 2 प्रोजेक्ट प्रगति पर
सतना चयन वर्ष 2017
- 1530 करोड़ रुपए के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए
- 51 लाख रुपए का 1 प्रोजेक्ट प्रगति पर
स्मार्ट सिटी निर्माण स्थान
- मैहर बायपास सोनौरा
- निर्माण क्षेत्रफल
- 662 एकड़
- सरकारी जमीन
- 330 एकड़
- निजी आराजी
- 332 एकड़
सागर में मूल शहर को ही स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है। इसलिए वहां पर प्रोजेक्ट पर कार्य जल्द शुरू हो गए, जबकि सतना की स्थिति कुछ और है। यहां अलग से स्मार्ट सिटी विकसित करनी है। इसलिए जमीन चिह्नित करने में अधिक समय लगा। कहां पर क्या बनाना है इसकी फाइल तैयार होते ही शहर में स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।
प्रवीण सिंह, निगमायुक्त व इडी स्मार्ट सिटी
Published on:
05 Aug 2018 01:01 pm

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