सतना

विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी में मर रहे वन्य जीव

तीन वन्य प्राणियों की हो चुकी है मौत, सफारी प्रबंधन को सेन्ट्रल जू अथॉरिटी का नोटिस, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन का मामला
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Jun 04, 2018
Dying wild creatures in white tiger safari
Dying wild creatures in white tiger safari

सतना। आप जानकर चौंके बिना नहीं रहेंगे कि विश्व की पहली वाइट टाइगर सफारी वन्य जीवों के लिये काल की कोठरी साबित हो रही है। बिना इंतजामों के यहां रखे जा रहे वन्य प्राणी धीरे धीरे मौत के आगोश में जा रहे हैं। अब तक तीन वन्य प्राणियों की मौत हो चुकी है और अभी कई कमजोर स्थिति में है। करोड़ों खर्च करके तैयार की गई इस सफारी में एक अदद पशु चिकित्सालय तक नहीं है। लाखों पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनी इस सफारी का स्याह पहलू तब सामने आया जब यहां सेन्ट्रल जू अथारिटी की टीम ने दौरा किया। अब गंभीर स्थितियां सामने आने के बाद अथारिटी ने जू प्रबंधन को नोटिस जारी किया है और कहा है कि महाराजा मार्तण्ड सिंह जू-देव वाइट टाइगर सफारी और चिडिय़ाघर में वन्य जीवों की सुरक्षा और संरक्षण के कोई ठोस इंतजाम नहीं है और इसका संचालन भी नियमविरुद्ध तरीके से हो रहा है।

मुकुन्दपुर वाइट टाइगर सफारी को सेन्ट्रल जू अथारिटी से 7 जून 2017 तक के लिये मान्यता मिली थी। लेकिन प्रबंधन ने समय पर मान्यता नवीनीकरण नहीं कराया और 21 जुलाई 2017 को नवीनीकरण का आवेदन प्रस्तुत किया। इस परिप्रेक्ष्य सेन्ट्रल जू अथारिटी ने किये गए निरीक्षण प्रतिवेदन को काफी गंभीर पाया है। अथारिटी ने 23 मार्च 2018 को तकनीकि समीति की 85वीं मीटिंग में मुकुन्दपुर सफारी की प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को देख भौचक है और माना है कि सफारी में वन्य जीव सुरक्षा को लेकर हद दर्जे की अनदेखी की जा रही है। इस आधार पर सफारी डायरेक्टर को नोटिस जारी किया गया है।

notice by cza IMAGE CREDIT: patrika

यह मिली अनियमितताएं

सेन्ट्रल जू अथारिटी ने बताया है कि बचाव के दौरान पकड़े गए वन्य प्राणियों को वाइट टाइगर सफारी में बिना उचित रूप से तैयार बाड़ों में रखा जा रहा है और उनके रखरखाव की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे वन्य प्राणियों को एकांत में रखे जाने के नियम के बाद भी वहां ऐसा कोई बाड़ा तैयार नहीं किया गया है।

बिना अनुमति रखे जा रहे वन्य प्राणी
अथारिटी ने यह भी बताया है कि ऐसे पकड़े गए जानवरों को सफारी में रखने के लिये न तो चीफ वाइल्ड वार्डन मध्यप्रदेश और न ही सेन्ट्रल जू अथारिटी से अनुमति ली है। जो कि नियम विरुद्ध है। बताया गया है कि नियम विरुद्ध तरीके से सफारी में 3 नीलगाय, 1 सांभर, तीन काले हिरण, 2 चौसिंघा, 2 हायना और तीन जंगली भालू रखे गए हैं। अथारिटी ने तत्काल प्रभाव से इसे सही करने कहा है।

स्टाफ भी खतरे में
अथारिटी ने कहा है कि काले हिरण को जिस तरीके से डिजाइन किये गए बाड़े में रखा जाना चाहिए वैसा नहीं रखा गया है। इसके अलावा बताया है कि सफारी अपने परिक्षेत्र को प्लास्टिक फ्री करने में फेल रहा है। जबकि वह क्षेत्र प्लास्टिक फ्री होना चाहिए। यहां काम करने वाले स्टाफ को चिडिय़ाघर में होने वाली बीमारियों से सुरक्षा और जांच की व्यवस्था में भी असफल रहा है।

कोई रिकार्ड तक नहीं, कर रहे काला पीला
सेन्ट्रल जू अथारिटी ने अपनी जांच में पाया है कि सफारी में किसी भी तरह के वन्य प्राणी संबंधी आवश्यक रिकार्ड नहीं रखे गए हैं जबकि वे अनिवार्य है। अथारिटी ने बताया है कि वन्य प्राणियों में होने वाले बायोलॉजिकल और सामाजिक व्यवहार में होने वाले परिवर्तन का कोई रिकार्ड नहीं है। उन्हें दिये जाने भोजन, इलाज का उल्लेख भी कीपर डायरी में नहीं किया जाता है। वन्य प्राणियों का इलाज कार्ड, हिस्ट्री कार्ड, डेली रिपोर्ट भी नहीं तैयार की गई है। जबकि इसके आधार पर इन वन्य प्राणियों की निगरानी की जाती है।

पशु चिकित्सालय तक नहीं
अथारिटी ने कहा कि यह खेद का विषय है कि आम जनता के लिए सफारी को खुले तीन साल हो गए हैं लेकिन अभी तक यहां एक अदद पशु चिकित्सालय तक नहीं है जिसमें आधारभूत चिकित्सा सुविधा मौजूद हो। इसे तीन माह में पूरा करने कहा गया है। यह भी कहा गया है कि सफारी इस बात पर भी फेल साबित हुए हैं कि यहां वन्य जीवों को एकांत में रखा जा सके। साथ ही वन्य जीवों के पोस्ट मार्टम कक्ष की भी व्यवस्था यहां नहीं मिली। बाढ़ से नहीं लिया सबक अथारिटी ने कहा है कि रीवा जिले में आई बाढ़ से भी सफारी ने कोई सबक नहीं लिया है। यहां वन्य प्राणियों को बाड़े से पानी निकालने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न ही सफारी ने इस संबंध में कोई एक्शन प्लान तैयार किया है। इसे 6 माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब नहीं रख सकेंगे जानवर
उधर सेन्ट्रल जू अथारिटी को जब यह पता चला है कि पकड़े गए वन्य जीवों को बिना अनुमति के रखने के दौरान उनकी मौत भी हुई है। इससे अथारिटी ने घोर आपत्तिजनक माना है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब किसी भी पकड़े गए वन्य जीव को अब सफारी में नहीं रखा जाए। साथ ही इस मामले में जवाब भी तलब किया गया है।

Published on:
04 Jun 2018 12:41 pm