कलेक्टर संतोष मिश्रा शनिवार को शहर के विभिन्न हिस्से का भ्रमण कर निरीक्षण किए। निरीक्षण का उद्देश्य स्मार्ट सिटी के रूप में सतना को विकसित करने के लिए उचित पहल करना था। उनके साथ महापौर ममता पांडेय व निगामायुक्त धीरेंद्र ङ्क्षसह मौजूद रहे। सभी ने शहर के सीमाई क्षेत्र में स्थिति जमीनों का आंकलन किया गया कि आखिर कैसे विकसित किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान माना गया कि बदखर उपयुक्त स्थान है। जिसके लिए डीपीआर तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण आस-पास के क्षेत्र में हरियाली का होना माना गया है। इसके साथ ही पूरे शहर में आधारभूत संरचनाओं को भी विकसित किया जाएगा।
रेवरा फार्म स्थिति निगम के अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर ने पाया, रेवरा स्थिति ठोस अपशिष्ट केंद्र में कचरे की मात्रा काफी कम है। इससे मशीन का संचालन प्रभावित होती है। उन्होंने पूछा तो बताया गया कि आवक कम है, इसके बाद कलेक्टर ने निगम के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि शहर से संग्रहित कचरा को ज्यादा से ज्यादा यहां पहुंचाया जाए।
कलेक्टर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण करने निकले थे। वह सतना नदी पहुंचे, जहां नदी किनारे बनाए गए विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। बड़ी संख्या में मूर्तियां स्थापित होने के कारण कुंड की साइज बड़ा करने को कहा, ताकि विषम परिस्थिति पैदा न हो सके।
यातायात सुचारू ढंग से चलाने व वाहन चालकों की मनमानी रोकने अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ व यातायात विभाग को निर्देश जारी होंगे।
महापौर व निगमायुक्त के निरीक्षण के साथ एक विशेष दस्ता चले, जिसमें इंजीनियर सहित अन्य स्टॉफ हो। जो कहीं छोटी मोटी समस्या का तत्काल निदान कर सके। जैसे सेमरिया चौराहे के गड्ढ़ों को भरना।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फुटपाथ को लेमीनेटेड पैवर का उपयोग कर चौड़ा किया जाएगा।
माधवगढ़ नदी के घाट का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। साथ इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।
निगम के आस-पास के गांवों को सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। ताकि उचित ढंग से विकास किया जा सके।