डकैती, हत्या और अपहरण सहित करीब डेढ़ दर्जन मामलों का सामना कर रहे डकैत खडग़ सिंह का अब मन बदल गया है। यूपी के पंचायत चुनाव में वह भी पत्नी के साथ किस्मत आजमाने कूद गया है। कभी 50 हजार रुपए के ईनामी रहे खडग़ ने जमानत मिलने के बाद अब पंचायत सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया है।
गौरतलब है कि इनदिनों उत्तरप्रदेश में पंचायत चुनाव चल रहे हैं। सतना जिले के चित्रकूट से सटे यूपी के कर्बी जिले के मानिकपुर ब्लाक के तीन पंचायतों के वार्डों लिए आगामी 29 अक्टूबर को वोट पड़ेगें। इसी ब्लाक के सरैया वार्ड से खडग़ सिंह ने पत्नी माया देवी यादव के साथ नामांकन दाखिल कर चौंका दिया है। हालांकि अभी चुनाव चिंह का आवंटन नहीं हुआ है लेकिन समर्थकों ने प्रचार शुरु कर दिया है।
चुनाव से पहले उसने अपने और पत्नी के नाम में आंशिक परिवर्तन किया है। खडग़ ङ्क्षसह का असली नाम मुन्नालाल यादव है। वह ग्राम बेलहरी थाना बहिलपुरवा यूपी का रहने वाला है। जबकि नामांकन और प्रचार में उसने केवल मुन्नी पुत्र रामदेव लिखा है। इसी तरह पत्नी माया के नाम के साथ भी माया देवी पत्नी मुन्नी लिखा है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उसने दोनों अलग-अलग नामों से नामांकन पत्र खरीदे हैं। जिन्हें क्रमश: 9 और 10 अक्टूबर को दाखिल किया है।
खडग़ सिंह पर ढाई लाख के इनामी दस्यु गौरी के गैंग में रहते हुए मप्र और उप्र में डेढ़ दर्जन से ज्यादा संगीन अपराध दर्ज हुए थे। जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, मारपीट, डकैती-लूट आदि हैं। उसकी गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने 50 हजार रुपए के ईनाम का ऐलान किया था। इसी दौरान वह गौरी के साथ पकड़ा गया था। उसका सरगना गौरी फिलहाल बांदा जेल में है। जबकि खडग़ ङ्क्षसह को बीते वर्ष जिला न्यायालय कर्वी से जमानत मिल गई थी।
पंचायत चुनाव में डकैत के उतरने से तराई का माहौल एक बार फिर बदल गया है। हालांकि अभी नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है जिससे यह तय नहीं हो पाया है कि मुकाबले में कौन-कौन होंगे। लेकिन प्रचार अभियान शुरु कर खडग़ ने इरादा साफ कर दिया है। बताया गया है कि उसके फोटोयुक्त व मोबाइल नंबर वाले पोस्टर व पंपलेट समर्थकों ने बांटने शुरु कर दिए हैं। जिनमें उसके गिरोह के सदस्य भी शामिल हैं। बताते हैं कि गौरी और खडग़ का खौफ कर्बी जिले के जंगली इलाकों में अभी भी है।
खडग़ सिंह के पत्नी समेत चुनाव लडऩे की जानकारी मिली है। पुलिस और प्रशासन भयमुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव लडऩे का अधिकार हर नागरिक को है। उसे भी है। यदि मतदाता या प्रत्याशियों द्वारा किसी गड़बड़ी की शिकायत आती है तो कानूनी कार्रवाई हर कीमत पर होगी।
केके चौधरी, पुलिस अधीक्षक कर्वी (चित्रकूटधाम)