
सिंगरौली। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव-2018 के मददेनजर कांग्रेस ने गुरुवार को पांचवीं सूची जारी की है। इसमे 16 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। सबसे बड़ा बदलाव सिंगरौली जिले की देवसर विधानसभा क्षेत्र में किया गया है। जहां अब राम भजन साकेत की जगह बंशमणि वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है।
बता दें कि, कांग्रेस ने पहली सूची में 155, दूसरी सूची में 16 और तीसरी सूची में 13 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। वहीं 29 उम्मीदवारों की चौथी सूची में 27 नए नाम थे, जबकि पहले से घोषित दो प्रत्याशियों को बदला गया था। इसी तरह पांचवीं सूची में १६ उम्मीदवारों का फिर से ऐलान कर दिया गया है। ओवर हाल कांग्रेस ने अपने कुल 213 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। 22 और नामों का ऐलान किया जाना अभी बाकी है।
ये है प्रत्याशी
1 श्योपुर बाबू जिंदल
2 रेहली कमलेश साहू
3 मलहरा प्रद्युम्न सिंह लोधी
4 पथरिया गौरव पटेल
5 पन्ना शिवजीत सिंह
6 देवसर बंसमणि वर्मा
7 मुरवारा मिथलेश जैन
8 जबलपुर उत्तर विनय कुमार सक्सेना
9 होशंगाबाद सरताज सिंह
10 पिपरिया हरीश
11 गोविंदपुरा गिरीश शर्मा
12 हुजूर नरेश ज्ञानचंदानी
13 खेतगांव ओम पटेल
14 गरौठ सुभाष सुजातिया
15 मनासा उमराव सिंह गुर्जर
16 नीमच सत्यनारायण पाटीदार
देवसर: बंशमणि प्रसाद वर्मा वर्सेस सुभाष चंद्र वर्मा
नाम :- बंशमणि प्रसाद वर्मा
शिक्षा:- बीए, एलएलबी
प्रोफेशन: खेती, व्यवसाय
अब तक: तीन बार विधायक रह चुके हैं। दिग्विजय सिंह के कांग्रेस की सरकार में मंत्री भी रहे। इसके बाद सीधी से जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने।
पॉलिटिकल कनेक्शन: राजनीति में खुद से जगह बनाया। लोगों के बीच सक्रिय रहे। नतीजा लोकप्रिय हुए और मंत्री तक का सफर तय किया।
सकारात्मक:- पार्टी के सक्रिय नेता हैं, दो बार विधायक रहे।
नकारात्मक:- विधायकी व सत्ता से दूर रहे, भीतरघात भी वजह
सोशल मीडिया:- ट्यूटर एकाउंट नहीं, फेसबुक पर समर्थक सक्रिय
राजनीतिक पारी:
राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे। क्षेत्र में लोगों के बीच खुद की पहचान है। यही वजह है कि दूसरी पार्टियों व निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़े और भाजपा विधायक को हराया। जिस चुनाव में हारे उसमें भी कड़ी टक्कर दी।
मुकाबला
बंशमणि वर्मा का मुकाबला इस बार युवा नेता सुभाष चंद्र वर्मा से है। सुभाष पूर्व विधायक रामचरित्र के बेटे हैं। इसलिए राह आसान नहीं है। क्षेत्र में पकड़ होने के बावजूद युवाओं को अपने पक्ष में करना टेढ़ी खीर है।
ये होंगे मुद्दे
दूसरे विधानसभा क्षेत्रों की तरह देवसर में भी सडक़, पेयजल व सिंचाई के लिए पानी प्रमुख मुद्दा है। पिछले पांच वर्ष में क्षेत्र का विकास नहीं हुआ है। इसलिए लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना मुद्दों में शामिल है। विद्यालयों की अव्यवस्था भी दूर करना प्रमुख मुद्दों में हैं।
रिकॉर्ड
देवसर विधानसभा में पिछले तीन बार से बीजेपी का उम्मीदवार विधायक बन रहा है। इससे भी क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति अच्छी नहीं थी। हालांकि दूसरी पार्टी व निर्दलीय के रूप में बंशमणि हमेशा टक्कर देते रहे हैं।