
सतना। सतना-कटनी और सतना-मानिकपुर रेल सेक्शन में चलती ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा दांव पर है। 18 जून को रेवांचल एक्सप्रेस में लूटपाट करने वाले बदमाशों का अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा कि बीती रात फिर एक यात्री ट्रेन को निशाना बनाया गया। रविवार-सोमवार की रात करीब 2 बजे ट्रेन नंबर 18202 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस में सतना व सगमा स्टेशन के बीच चार-पांच की तादात में मौजूद अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट की। बदमाशों ने ट्रेन के दो कोच एस-9 व एस-11 को निशाना बनाते हुए दो महिला सहित चार यात्रियों के नकदी, जेवर, मोबाइल सहित अन्य सामान से भरे बैग छीन लिए।
यात्रियों के शोर मचाने पर बदमाशों ने चेन पुलिंग की और अंधेरे का फायदा उठाते हुए ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। घटना के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। ट्रेन के सतना पहुंचने जीआपी ने यात्रियों से घटना के बारे में जानकारी ली। हालांकि किसी यात्री ने सतना में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
दो महिला यात्रियों के गले से उड़ाई चेन
रेल पुलिस सूत्रों ने बताया, ट्रेन के एस-11 कोच से बदमाशों ने दो महिलाओं के गले से डेढ़-डेढ़ तोले की सोने की चेन उड़ा दी। कोच की बर्थ 50 पर परिवार के साथ यात्रा कर रहीं साजिदा खातून (48) पति अयूब खान निवासी सुखेजा दुर्ग छग के गले से चेन खींचने के अलावा बदमाशों ने लेडीज पर्स भी छीना। पर्स में कान का एक झाला, 2 हजार नकद रखे हुए थे। कोच एस-11 में ही बर्थ 35 पर यात्रा कर रहीं सुनीता गुप्ता (55) पति सुधीर निवासी कटरा मिर्जापुर के गले से भी सोने की चेन उड़ाई। एस 9 की बर्थ 41 पर बैठे रायपुर निवासी इंद्रराज यादव (35) से एक हजार रुपए व बर्थ 55 पर सवार देवरिया दुर्ग के मोहम्मद आलम (35) के बैग में रखे दो हजर नकद व एक मोबाइल फोन बदमाश ले उड़े। घटना के बाद से ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत घर कर गई।
रेवांचल में लूट जैसा ही अपनाया पैटर्न
सतना-कटनी के बीच चलती ट्रेन में चेन स्नेचिंग व लूटपाट की यह तीसरी वारदात है। 11 जून को ट्रेन में महिला से लूट, 18 जून को बदमाशों ने भदनपुर-अमदरा स्टेशन के बीच रेवांचल एक्सप्रेस के तीन कोचों में लूटपाट की थी। जानकारों के मुताबिक उक्त तीनों वारदात में लूट का पैटर्न मिलता-जुलता है। रेवांचल में भी महिलाओं को निशाना बनाया गया था। जानकारों को कहना है कि कोई गिरोह वारदात कर रहा है।
सतना से पहले वारदात
जब बदमाश लूटपाट कर रहे थे उस दौरान कोच के ज्यादातर यात्री नींद में थे। सूत्रों के मुताबिक वारदात के कुछ देर बाद ट्रेन सतना स्टेशन पहुंची, जहां आरपीएफ ने चार यात्रियों के नाम-पते व सामान का ब्योरा लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि सतना से महज दो-तीन किमी. पहले हुई वारदात की भनक जीआरपी को नहीं लगी। सतना जीआरपी के मुताबिक चौकी में किसी ने चोरी या लूट की शिकायत दर्ज नहीं कराई।