
सतना। बेहतर शिक्षा की तालीम देने वाले सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो गई है। स्कूलों के बाहर सिगरेट और गुटखे की दुकानें सज गई हैं, जबकि नियमानुसार स्कूल के 100 मीटर के दायरे में इस प्रकार की दुकानें नहीं खोली जा सकतीं। शिक्षा विभाग के साथ जिला प्रशासन भी इन नशे की दुकानों को लेकर खामोश है। शिक्षकों की मानें तो इन दुकानों से बच्चे नशा खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ बच्चे सिगरेट और तम्बाकू के आदी भी हो चुके हैं। नई पीढ़ी लापरवाही के कारण नशे की भेंट चढ़ रही है जिम्मेदार खानापूर्ति में उलझे हैं।
यह है कानून
सिगरेट एंड टोबैको प्रॉडक्ट एक्ट में स्कूल कॉलेज या किसी शिक्षण संस्थान के 100 मीटर की दूरी पर तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध है। साथ ही 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना भी अपराध की श्रेणी में आता है। नियमों के मुताबिक जहां तंबाकू उत्पाद बिकते हैं वहां 60 बाई 30 का डिस्प्ले लगाना जरूरी है। जिसमें लिखा होना चाहिए कि 18 वर्ष से कम उम्र के ग्राहकों को तंबाकू उत्पाद नहीं बेचे जा सकते हैं। अगर इस नियम का उल्लंघन होता है, तो आरोपित पर दो सौ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ननि बना लापरवाह
निगम प्रशासन शहर में जगह-जगह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन अधिकारियों को स्कूलों के बाहर जमी नशे की दुकानें नहीं दिख रही हैं। स्कूलों के बाहर पसरे अतिक्रमण को अलग करने में अतिक्रमण शाखा के जिम्मेदारों के पसीने छूट रहे हैं। शासकीय स्कूलों के बाहर जमे रसूखदार अतिक्रमणकारियों पर विभाग की मेहरबानी बनी है।
एमएलबी स्कूल
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमा विद्यालय के गेट से लगी कई गुमटी में सिगरेट, तंबाकू, गुटखा बिकता है। यहां पर सुबह हो या दोपहर दुकान पर सिगरेट पीने वाले और पान गुटखा-खाने वालों का झुंड लगा रहता है। यहां पर पढऩे आने वाली छात्राओं पर छींटाकशी भी खूब होती है। एक छात्रा ने बताया कि जब उन लोगों की छुट्टी होती है तो दुकान पर कई लड़के खड़े होकर सिगरेट पीते नजर आते हैं। उन लोगों पर छींटाकशी भी होती है।
व्यंकट क्र.-2 विद्यालय
शा.उमा विद्यालय व्यंकट क्रमांक-2 के गेट के पास कई गुमटियां हैं। इनमें सिगरेट, तंबाकू, गुटखा सब बिकता है। दुकान में कोई चेतावनी बैनर तक नहीं लगा है। यहां कोई भी जाकर सिगरेट, तंबाकू आसानी से खरीद सकता है।
करते हैं छेड़छाड़
चाय-नाश्ते की दुकानों में आने वाले युवक यहां घंटों समय व्यतीत करते हैं। बेवजह खड़े होने वाले इन असामाजिक तत्वों से छात्राएं त्रस्त हो चुकी हैं। ये लड़के छात्राओं से छेड़छाड़ करते हैं।
इसके लिए समय-समय पर स्कूल प्राचार्यों को दिशा निर्देश जारी होते हैं। इसे एक बार फिर संज्ञान में लेते हुए स्कूलों के सामने से दुकानों को हटवाने की कार्रवाई की जाएगी।
बीएस देशलहरा, जिला शिक्षा अधिकारी