पत्रिका अमृतम् जलम्: पतने नदी में सैकड़ों लोगों ने किया श्रमदान, बच्चों की टोली रही आकर्षण का केन्द्र
पन्ना। पत्रिका के अमृतम जलमं अभियान के तहत रविवार को पवई नगर की लाइफ लाइन कही जाने वाली पतने नदी में श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नगर के सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। श्रमदान कार्यक्रम सुबह ६ बजे से शुरू होकर 9 बजे तक चला। यहां हर रविवार को आयोजित होने वाले श्रमदान कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। युवाओं के साथ ही नगर के बच्चे भी इस कार्यक्रम में उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। तीसरे सप्ताह को श्रमदान करने वालों में बड़ी संख्या बच्चों की थी।
गौरतलब है कि भीषण गर्मी में लगातार जल स्तर गिरने से नगर में पानी की समस्या गंभीर हो चुकी है। नदी में उपलब्ध पानी मवेशियों के पीने के साथ ही इंसानों के काम भी आ रहा है। नदी के पानी को निर्मल बनाने के लिए नदी के कचरे को श्रमदान के माध्यम से बाहर निकाला जा रहा है। नदी परिसर में प्रत्येक रविवार को सुबह से श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें नगर के लोग बड़े ही उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। बगैर बुलाए ही लोग सुबह से नदी में पहुंचे और घंटों तक श्रमदान कर नदी के अंदर के कचरे को बाहर निकाला। पत्रिका द्वारा देशभर में जलस्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अमृतम जलम अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पतने नदी में हर सप्ताह श्रमदान कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है।
इन्होंने किया श्रमदान
श्रमदान करने वालों में एसडीओ वन आरएन द्विवेदी, प्रमोद नगायच, आनंद पाल सिंह, जागेश्वर ताम्रकार, सतानंद पाठक, अमित खरे, सत्यम सोनी, चन्द्र प्रताप सिंह, सत्यपाल बागरी, जैकी अग्रवाल, प्रतीक ताम्रकार, शिवा सोनी, कृष्ण पाल सिंह, सावन सिंह, भरत सिंह, अभिषेक नामदेव, सागर सोनी, राहुल खटीक, शत्रुघ्न पाण्डेय, हरिकेश बढौलिया, राहुल नामदेव, जीतेन्द्र चौरसिया, भरत सिंह, शिवम, आशीष, विजय, रवि, तानिस, सतेंद्र, दीपक, सत्यम, प्रबल, आकाश, रितिक, पंकज और ब्रह्मानंद सहित एक सैकड़ा युवाओ ने श्रमदान किया।
मिढ़ासन में मशीन से हो रही खुदाई, श्रमदान भी किया
अमानगंज के मिढ़ासन नदी के चकदही घाट में रकीब एक पखवाड़े से लगातार नदी के खुदाई का काम चल रहा है। इसे साथ ही सहां लोग प्रतिदिन श्रमदान भी कर रहे हैं। यहां गहरीकरण की शुरुआत पत्रिका अमृतक जलम कार्र्यक्रम के तहत हुई थी। इसके बाद से लगातार यहां जनसहयोग से गहरीकरण का काम चल रहा है। रविवार को भी यहां आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। श्रमादन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सुबह ६ बजे से ही लोग मिढ़ासन नदी के चकदही घाट में पहुंचने लगे थे।
किलकिला में शुरू हुआ मशीन से काम
किलकिला नदी के दूसरे चरण के तहत जेसीबी से नदी के गहरीकरण का काम शुरू हो गया है। यहां पहले चरण के तहत नदी के जलकुंभी और गंदे पानी को निकालने का काम करीब एक पखवाड़े तक चला था। इसके बाद बीते कुछ दिनों से काम बंद पड़ा है। रविवार से दूसरे चरण का काम भी फिर से चालू हो गया है। दूसरे चरण के अभियान में नदी के बहाव क्षेत्र से मिट्टी को हटाने का काम किया जा रहा है। काम को कराने में नगर के युवाओं की टीम लगी हुई है। जिनके द्वारा भीषण गर्मी में भी नदी में मौजूद रहकर काम की निगरानी की जा रही है।