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MP News: जेल प्रशासन ने लागू की नई व्यवस्था, 73 उपजेलों में बंदियों के लिए राहत

MP News: जेल प्रशासन ने 15 मार्च 2026 से 14 मई 2026 तक दो महीने के लिए यह ट्रायल प्रक्रिया शुरू की है।

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सतना

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Astha Awasthi

Apr 07, 2026

Jail Administration

Jail Administration (Photo Source: AI Image)

MP News:मध्यप्रदेश की 73 उपजेलों में बंद बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। यह बंदियों के साथ उनके परिजनों के लिए भी राहत की बात मानी जा रही है। उपजेलों में बंद कैदियों को परिजन मुलाकात के दौरान, नमकीन, बिस्किट, मिठाई, पैक्ड अचार, सलाद, साबुन और पेस्ट उपलब्ध करवा सकेंगे। यह व्यवस्था 15 मार्च से शुरू हो गई है, हालांकि जेल मुख्यालय के अनुसार फिलहाल यह व्यवस्था ट्रायल के तौर पर हैं। इसके लिए सभी उपजेलों से जेल मुख्यालय ने फीडबैक भी मांगा है। अगर अच्छा रिस्पांस मिलता है तो आगे भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।

तय रहेगी सामग्री की मात्रा, परिजनों का लगेगा आवेदन

जेल प्रशासन ने 15 मार्च 2026 से 14 मई 2026 तक दो महीने के लिए यह ट्रायल प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए परिजन को तीन प्रतियों के साथ एक आवेदन देना होगा। सामग्री की मात्रा भी समिति रहेगी। इसमें किसी भी पैक्ड बिस्किट, अचार सलाद का वजन 500 ग्राम रहेगा। साथ ही एक टूथब्रश, टूथ पेस्ट 100 ग्राम, नहाने का साबुन दो नग और चार नग कपड़े धोने का साबुन शामिल हैं। इसका मकसद है कि सब जेलों में बंदियों को जरूरी सामग्री मिलती रहे और साथ ही सुरक्षा भी बनी रहे।

केंद्रीय जेलों में कैंटीन की व्यवस्था

बता दें कि दिसंबर 2016 तक मप्र की जेलों में बंदियों को परिजन मुलाकात के दौरान खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाते थे। परंतु भोपाल जेल से भागे सिमी कैदियों के बाद से इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था। हालांकि 2021 से केंद्रीय जेलों में कैंटीन लागू की गई है। जहां बंदी के परिजन द्वारा एक माह में 2-2 हजार कर दो बार में चार हजार रुपए जमा कराने पर बंदी को कैंटीन से सामग्री मिल सकती है। परंतु सब जेलों के बंदियों के लिए यह व्यवस्था नहीं थी।

अवधि पूर्ण होने पर समीक्षा की जाएगी

इस अवधि के बाद व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए सभी उपजेलों को फीडबैक भी जिला मुख्यालय भेजना है। फीडबैक के आधार पर आगे योजना को बंद करने या जारी रखने पर निर्णय लिया जाएगा। सामान मुलाकात खिड़की पर जमा करा सकेंगे। इसके लिए अधिकतम दो लोगों को ही अनुमति रहेगी जिन्हें बंदी ने अधिकृत किया होगा।

दो माह के लिए शुरू किया ट्रायल

सब जेलों में बंदियों को पैक्ड सामग्री पहुंचाने का ट्रायल दो माह के लिए शुरू किया है। सब जेलों से फीडबैक मांगा है। आगे योजना जारी रहेगी या नही फीडबैक मिलने के बाद तय करेंगे। वरुण कपूर, डीजी, जेल