
District Hospital प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
MP News: जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए सर्जरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिला अस्पताल में हर विभाग में सप्ताह के सातों दिन ऑपरेशन की नई व्यवस्था शुरु की गई है।
अब तक जिला अस्पताल में जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, स्त्री रोग और नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग के ऑपरेशन के लिए अलग अलग दिन निर्धारित रहते थे। सप्ताह में अधिकतम चार दिन ही ऑपरेशन की सुविधा मिलती थी, जिसमें दो दिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और दो दिन जिला अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। कई बार मरीजों को तारीख मिलने में देरी हो जाती थी और गंभीर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
जनरल सर्जरी और अस्थि रोग विभाग में पहले सप्ताह में चार दिन ही ऑपरेशन होते थे, जबकि ईएनटी विभाग में सिर्फ दो दिन ही ऑपरेशन की सुविधा मिलती थी। स्त्री रोग विभाग में भी 4 दिनों में ही सर्जरी हो पाती थी। नई व्यवस्था में चारों विभागों में रोजाना ऑपरेशन किए जाएंगे। अब सभी विभागों में सातों दिन ऑपरेशन हो सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के चिकित्सकों की अलग-अलग दिन ड्यूटी को लेकर जिला अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की सहमति से संयुक्त रुप से ड्यूटी का रोस्टर तैयार किया गया है। जैसे की सोमवार को जनरल सर्जरी में डीएच (जिला अस्पताल), स्त्री रोग विभाग में जीएमसी (गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज), ईएनटी में जीएमसी, आर्थों में जीएमसी के चिकित्सकों की ड्यूटी। मंगलवार को जनरल सर्जरी में जीएमसी, स्त्री रोग विभाग में डीएच, ईएनटी में जीएमसी, आर्थों में डीएच डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित की गई।
बुधवार को जनरल सर्जरी में डीएच, स्त्री रोग विभाग में जीएमसी, ईएनटी में जीएमसी, आर्थों में जीएमसी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह से गुरुवार के दिन जनरल सर्जरी में जीएमसी, स्त्री रोग विभाग में डीएच, ईएनटी में जीएमसी, आर्थों में डीएच के डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर बनाया गया है। शुक्रवार को जनरल सर्जरी में डीएच, स्त्री रोग विभाग में जीएमसी, ईएनटी में जीएमसी, आर्थो में जीएमसी के डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित की गई। वहीं शनिवार के दिन जनरल सर्जरी में जीएमसी, स्त्री रोग विभाग में डीएच, ईएनटी में जीएमसी और आर्थों में डीएच के डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित की गई।
अब दुर्घटना या गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए अलग से सर्जरी टीम भी तैनात की गई है, ताकि आपातकालीन मामलों में तुरंत ऑपरेशन किया जा सके। जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध हैं। यहां एक मेटरनिटी ऑपरेशन थियेटर, दो मेजर ऑपरेशन थियेटर और तीन आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर पहले से ही संचालित हैं
नई व्यवस्था के शुरु होने के बाद से मरीजों को राहत मिलेगा। सबसे अधिक अस्थि रोग विभाग में हड्डी के टूट-फूट मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ता था। वहीं सर्जरी के मरीजों को भी ऑपरेशन के लिए एक-दो महीने तक इंतजार करना पड़ता था। अब सप्ताह के मरीजों को इधर-उधर इलाज के अभाव में भटकना नही पड़ेगा।
पहले एनेस्थीसिया डॉक्टरों का कमी थी अब हमारे पास पर्याप्त एनेस्थेटिक है। जैसे मेडिकल कॉलेजों में रोजाना हर विभाग के ऑपरेशन होते है, ऐसी व्यवस्था यहां पर शुरु कराने की तैयारी की गई है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर भी तैयार हो चुका है। - डॉ. एसपी गर्ग, अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज सतना
रोजाना ऑपरेशन की सुविधा हर विभाग में मिले, इसको लेकर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के बीच निर्णय हुआ है। इससे मरीजों के ऑपरेशन कई दिनों तक लंबित नहीं होंगे, हर विभाग के ऑपरेशन प्रतिदिन हो सकेंगे।- डॉ. अमर सिंह, सिविल सर्जन
Published on:
02 Apr 2026 05:52 pm
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