
सतना। न्यायपालिका की मेल आईडी में भेजे गए एक संदिग्ध ई-मेल और उससे जुड़ी तकनीकी जांच में ऐसे संकेत सामने आए हैं, जो आम डिजिटल शरारत से हटकर हैं। यह पहचान छिपाने की पूरी साजिश के साथ भेजा गया ईमेल माना जा रहा है।
शुरुआती साक्ष्यों में यह बात सामने आई है कि संबंधित ई-मेल को भेजने में प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग किया गया, वहीं आईपी एड्रेस को हेक्साडेसिमल फॉर्मेट में दर्शाया गया है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः ई-मेल सीधे उपयोगकर्ता के डिवाइस या मानक सर्वर के जरिए भेजे जाते हैं। लेकिन प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग करने से मूल लोकेशन को छिपाया जा सकता है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि मेल भेजने वाले ने अपनी पहचान को छुपाने का प्रयास किया है और वो इसमें माहिर है।
माइक्रोसॉफ्ट सर्वर सिर्फ एक आड़
जांच में सामने आया कि ई-मेल के हेडर में भले ही यह माइक्रोसॉफ्ट सर्वर के माध्यम से आया हुआ प्रतीत होता है और एसपीएफ, डीकेआईएम व डीएमएआरसी जैसे सुरक्षा मानकों को पास करता है। इसके बावजूद इसमें उपयोग किए गए तकनीकी तरीके इसे संदेह के दायरे में लाते हैं। मेले भेजने वाले ने इस सर्वर को सिर्फ एक आड़ के रूप में इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, संबंधित दस्तावेज में “टार” फॉर्मेट का भी उल्लेख मिला है। जो आमतौर पर डेटा को एक साथ पैक कर सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फॉर्मेट का उपयोग सर्वर लॉग्स या ई-मेल डेटा को संग्रहित करने के दौरान किया जाता है। जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला किसी स्तर पर तकनीकी जांच या डेटा एक्सट्रैक्शन तक पहुंचा हो सकता है।
सनसनी और हड़कंप का उद्देश्य
ई-मेल की सामग्री और उससे तैयार किए गए पीडीएफ दस्तावेज में भाषा की असंगति और अस्पष्टता भी है। इस वजह से इसे किसी कोई प्रमाणिक दस्तावेज के बजाय फॉरवर्डेड या संदिग्ध सामग्री की श्रेणी में माना जा रहा है। जिसका उद्देश्य हड़कंप मचाना माना जा रहा है।
सेंडर लोकेशन का नहीं चल सका पता
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ई-मेल किस व्यक्ति या स्थान से भेजा गया, क्योंकि प्रॉक्सी और परिवर्तित आईपी फॉर्मेट के चलते वास्तविक स्रोत को ट्रेस करना कठिन है। हालांकि, तकनीकी संकेत इस ओर इशारा जरूर करते हैं कि यह सामान्य ई-मेल गतिविधि नहीं है। इसके लिए हंगरी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड साइबर स्पेस अक्सर उपयोग होते हैं। हालांकि सतना पुलिस इस मामले में संबंधित संस्थाओं के संपर्क में है और आवश्यक जानकारी इक्कठा कर रही है।
क्या है हेक्साडेसिमल आईपी?
हेक्साडेसिमल आईपी में पारंपरिक संख्याओं की जगह 0-9 और ए-एफ का उपयोग किया जाता है, जिससे आईपी एड्रेस को अलग रूप में दिखाया जाता है। यह तरीका अक्सर सिस्टम को भ्रमित करने या ट्रैकिंग को कठिन बनाने के लिए अपनाया जाता है।
Updated on:
29 Mar 2026 12:56 pm
Published on:
29 Mar 2026 12:55 pm
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