विंध्य की औद्योगिक नगरी सतना में उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित है। इसमें वैज्ञानिक सहित 17 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात है।
इसके बाद भी जिले में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रित नहीं हो रही। पीसीबी के वैज्ञानिक कागज में प्रदूषण की रिपोर्ट तैयार कर खानापूर्ति कर रहे हैं। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है, सीमेंट फैक्ट्रियों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन और खदानों में की जा रही ब्लॉस्टिंग से आसपास के गांव बुरी तरह प्रभावित हैं।
रिहायशी बस्ती में किए जा रहे धमाकों से लोगों के घरों में दरारें आ रही हैं और खदानों से उड़ती धूल से कृषि भूमि बंजर होती जा रही है। इसकी शिकायत बार-बार किए जाने के बावजूद पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय ने विगत 8 वर्ष में सीमेंट उद्योगों के खिलाफ सिर्फ चार प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं। विस को दी गई इस जानकारी ने पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों के कार्यों की पोल खोल दी है।
गौरतलब है, सतना विधायक शंकरलाल तिवारी ने क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों पर सीमेंट उद्योगों से मिलीभगत का अरोप लगाते हुए यह प्रश्न विधानसभा में उठाया है।
18 साल से जमे हैं अधिकारी
क्षेत्रीय कार्यालय पीसीबी सतना के अधिकारी-कर्मचारी जिले के उद्योग इकाइयों के साथ मिलकर मलाई काट रहे हैं। यहां के अधिकारियों की कार्यशैली संतोषजनक न होने के बाद भी विभाग इन पर मेहरबान है। यहां पदस्थ अधिकांश स्टाफ दस साल से भी अधिक समय से यहां कुंडली मारे बैठा है।