अब दिखेगा ‘अमरकंटक’ के तट पर गुदुम्ब का नजारा, ये कर रहे हैं तैयारी

अमरकंटक स्थित नर्मदा तट पर खूबसूरत नजारा देखने मिलेगा। मां नर्मदा के चरणों में इस बार नजारा कुछ अलग ही नजर आएगा। 

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Oct 25, 2015
amarkantak
(फोटो कैप्शन: सभी फाइल फोटो।)
सतना। एक बार फिर अमरकंटक स्थित नर्मदा तट पर खूबसूरत नजारा देखने मिलेगा। मां नर्मदा के चरणों में इस बार नजारा कुछ अलग ही नजर आएगा। इस बार चार प्रमुख आदिवासी नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें 40 बच्चे शामिल होंगे। प्रमुख आदिवासी नृत्य गुदुम्ब डांस, ऊमर परा-तुमर पारा, या झुलनी मा झूल रैहों और डारा लोट गेहे को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पलाश गु्रप द्वारा भक्तिमय गीत की भी प्रस्तुति दी जाएगी।
छात्र खुद तैयार कर रहे परिधान

पत्रिका द्वारा आयोजित महाआरती को परंपरागत आदिवासी रंग में रंगने के लिए अमरकंटक विवि के छात्र विशेष परिधान तैयार कर रहे हैं। पलाश ग्रुप के डॉ. सोनकर ने बताया कि यहां के क्षेत्रीय आदिवासी जिस प्रकार के परिधान और जेवर पहनते हैं, ठीक उसी प्रकार की तैयारी छात्र खुद से कर रहे हैं।
मां नर्मदा के उद्गम स्थल मुख्य मंदिर प्रांगण में 27 अक्टूबर पूर्णिमा के दिन भव्य महाआरती का अयोजन किया जा रहा है। इसमें नर्मदा उद्गम मंदिर पुजारी संघ और नर्मदा मंदिर ट्रस्ट के साथ नगर परिषद अमरकंटक का पूरा सहयोग रहता है। महाआरती साध्वी प्रज्ञा भारती के स्वरों में की जाएगी।

इनका मिलेगा सहयोग

आदिवासी कलाओं की प्रस्तुति के दौरान लगभग आधा सैकड़ा लोग शामिल होंगे। इसमें मुख्य रूप से जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नागेंद्र सिंह, पलाश ग्रुप से डॉ. चंद्रमौली, डॉ. नरसिंह कुमार, डॉ. राकेश कुमार सोनी, डॉ. ऋचा चतुर्वेदी, शिवदत्त और अंजली सोनकर शामिल होंगी। वहीं छात्रों की ओर से पवन सोनकर, कुल्दीप परस्ते, लोकमणी मरकाम और बलदेव मरकाम विशेष सहयोग करेंगे।
वीसी के साथ शामिल होंगे कलेक्टर-एसपी

महाआरती में इस बार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के कुलपति प्रो. टीवी कट्टीमणी मुख्यरूप से शामिल होंगे। इनके साथ प्रशासन की ओर से अनूपपुर कलेक्टर नरेंद्र सिंह परमार और एसपी अनुराग शर्मा भी महाआरती में अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे।
Published on:
25 Oct 2015 11:54 am
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