वार्ड क्रमांक-16: शहीद पद्मधर वार्ड कृपालपुर के हालात भी अन्य वार्डों जैसे ही
सतना। वार्ड क्रमांक-16 यानी शहीद पद्मधर वार्ड कृपालपुर...। यह वार्ड शहर के दूसरे छोर पर बसा है। नगर निगम की सीमा के अंदर होते हुए भी यहां के हालात गांव के जैसे हैं। जिम्मेदार हर मर्तबा विकास का दम भरकर वोट लेने के बाद अपने वादों से मुकर जाते हैं। इसके चलते अविकसित क्षेत्र की श्रेणी में खड़ा है। यहां के हालात भी नगर निगम के अन्य वार्डों जैसे ही हैं। सड़क, बिजली और पानी की समस्याएं गौड़ हैं। वार्ड की रोचक बात यह है कि कुछ बस्ती एेसी हैं।
जहां दिनभर पानी सड़क व नाली में बहता रहता है। जबकि, इसी वार्ड की तीन-चार बस्ती में पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। पुरुष-बच्चों को तो छोडि़ए, महिलाएं भी साइकिल पर डिब्बा लेकर पानी लाती दिखाई पड़ जाती हैं। समूचे वार्ड के 30 फीसदी हिस्से में पुरानी पाइपलाइन बिछी है, जो अब जर्जर हो चुकी है। जबकि नई पाइपलाइन बिछाने के लिए वार्ड का सिर्फ सर्वे हो सका है।
आज तक नहीं खुला 20 वर्ष पहले बना कॉम्प्लेक्स
वार्डवासियों ने बताया, बीच बस्ती में 20 वर्ष पहले शुलभ कॉम्प्लेक्स निगम प्रशासन ने बनवाया था। इसे आज तक आमजन के निस्तार के लिए इसे खोला नहीं गया। इससे अब कॉम्प्लेक्स का भवन भी जर्जर हो गया है।
निगम के बोर को हथियाने की साजिश
निगम प्रशासन ने कृत्रिम गर्भाधान के समीप एक बोर लगवाया था। उसे भू-कारोबारी अपने जद में लेने की कोशिश कर रहे हैं। नापजोख के दौरान इसे चूने से लाइनिंग कर अंदर कर लिया गया है। निगम प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जर्जर सड़कें, गंदगी का साम्राज्य
कृपालपुर से पुरैनिया को जोडऩे वाली सड़क कंडम हालात में है। बारिश के दिनों में यहां से निकलना बेहद मुश्किल भरा सफर होता है। जबकि, कई बस्तियों में नाली न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क तक बहकर आता है। आसपास के खाली प्लॉट में भरा रहता है। कचरा होने के चलते हालात बद से बदतर हो जाते हैं।
अभी तक पाइपलाइन नहीं बिछी है। आम जनता को पेयजल को लेकर परेशानी होती है। कई बार पेयजल को लेकर पार्षद के साथ शिकायत की, पर काम में तेजी नहीं आई।
नितिन वर्मा
वार्ड में बिजली की समस्या है। रात को लाइट न होने के कारण दिक्कत होती है। वार्ड में सड़क व नाली का निर्माण सही नहीं हुआ है।
हीरालाल केवट
वार्ड में स्वच्छता को लेकर कोई भी कदम नहीं उठाया गया। जनता मूलभूत सुविधा के लिए परेशान है। नालियां बजबजा रही हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।
रामाधार कुशवाहा
सुलभ कॉम्प्लेक्स जनता के लिए नहीं खोला गया है। शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
सत्यदेव साकेत
वार्ड में निर्माण कार्य न होने के कारण विकास की गति रुक गई है। निगम द्वारा जो भी विकास के कार्य किए हैं, उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं।
रामकेश साकेत
पेयजल की समस्या गर्मी में अधिक होती है। इसकी शिकायत कई बार वार्ड की जनता ने की है। निचली बस्ती में पेयलज के स्रोत भी कम हैं। कुछ हैंडपंप होने के बाद भी पानी नहीं मिलता है।
रामनिरंजन चौधरी
नालियों की सफाई नियमित नहीं होती। सफाईकर्मी कम होने से दिक्कत हो रही है। सफाई को लेकर वार्ड की जनता ने निगम में शिकायत की है।
विमलेश वर्मा
पार्क न होने से वार्ड के बच्चों व रहवासियों को समस्या से जूझना पड़ता है। वार्ड के विकास के लिए जो प्लान बने हैं, उनका पालन नहीं हो रहा।
परिचित दाहिया
नालियां सही नहीं बनी हैं। इस कारण पानी आगे नहीं बढ़ता। सफाईकर्मी कम होने के कारण परेशानी होती है। वार्ड की समस्या के बारे में कोई सुनने वाला नहीं है।
मणि केवट
पेयजल की नई लाइन पूरी नहीं बिछी है। इस कारण दिक्कत हो रही है। कई बार कहने के बाद भी काम नहीं होता है। वार्ड की सफाई भी नहीं होती है।
रामायण हरिजन
वार्ड में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं है। सिर्फ वोट लेने के समय सभी ने लम्बे-लम्बे वादे किए थे। नालियों को अच्छे तरीके से न बनाए जाने के कारण पानी घर में घुसता है।
सुनील रावत
ननि द्वारा कई कार्य कराए गए हैं। पानी की समस्या बनी है। एक बोर पर भू-कारोबारी कब्जा का प्रयास कर रहे हैं। हम अपने वार्ड की परेशानी लगातार निगम प्रशासन से साझा करते हैं।
शैलेंद्र दाहिया, पार्षद