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MP के इस एयरपोर्ट का होगा विस्तार, 1500 मीटर तक होगी रनवे की चौड़ाई

MP news: मध्य प्रदेश के इस नए एयरपोर्ट का अब विस्तार होने वाला है। इसके लिए जिला प्रशासन को मौजूदा हवाई पट्टी की पश्चिमी दिशा में 47 बाधाएं और पूर्वी दिशा में 21 बाधाएं हटानी पड़ेगी।

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सतना

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Akash Dewani

Apr 09, 2026

Satna Airport Expansion Runway to Extend to 1500 Meters length mp news

Satna Airport Expansion Runway to Extend to 1500 Meters (फोटो- Patrika.com)

Airport Expansion: आखिरकार सतना हवाई अड्डे के विस्तार का प्रोजेक्ट कागजों में उस स्थिति में आ गया है जिसके जमीन पर क्रियान्वित होने के बाद यहां पर 72 सीटर एटीआर 72. एयर बस ए 320 और बोइंग 737 जैसे विमान उतर सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन को मौजूदा हवाई पट्टी की पश्चिमी दिशा में 47 बाधाएं और पूर्वी दिशा में 21 बाधाएं हटानी पड़ेगी। इसके अलावा 12 एकड़ अतिरिक्त जमीन देनी होगी और साढ़े एकड़ जमीन से अतिमण हटाना क्रहोगा। हालांकि जो जमीन हवाई अड्डे के विस्तार के लिए दी जानी है। वह जमीन भी हवाई अड्डे की ही है। इतना सब करने के बाद सतना हवाई अड्डे की हवाई पट्टी 1500 मीटर की हो जाएगी। (MP news)

पहले ये समझे कैसे छोटी हुई हवाईपट्टी

शुरू में यहां रनवे की लंबाई 1850 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर थी। जय इसे एयरपोर्ट अथारिटी को सौंपा गया तो यहां पर विजुअल फ्लाइट रूल्स लागू हो गए। इन नियमों के तहत हवाई पट्टी के दोनों छोर में रेसा (रनवे एंड सेपटी एरिया) बनाया जाना अनिवार्य होता है। ताकि अगर विमान उत्तरने के बाद रनवे पर रुक न पाए तो रेसा एरिया में जाकर धंस कर रुक जाए। रनवे के बाद आने वाले इस हिस्से में रेत मरी होती है। एयरपोर्ट अथारिटी ने मौजूदा रनवे में रेसा तैयार करने के लिए दोनों छोर पर 300-300 मीटर की दूरी पर रेत बिछा दी। जिससे हवाई पट्टी की लंबाई कम होकर 1200 मीटर हो गई। इसी तरह अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए चौडाई को भी कम करके 30 मीटर कर दिया। इस स्थिति में यह रनवे कोड बी श्रेणी का हो गया। जी 19 सीटर विमानों के लिए माना जाता है।

अब यह होगा

छोटे किए गए रनवे को 1500 मीटर तक बढ़ाने के लिए नया प्लान बनाया है उसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी को अतिरिक्त जमीन चाहिए होगी और कुछ अतिक्रमण हटाना होगा। हवाई अड्डा विस्तार के लिए प्लान के अनुसार रनवे की पूर्व दिशा में 12 एकड़ की जमीन की आवश्यकता होगी। यह जमीन बाइपास और हवाई अड्डा के बीच वर्शाई गई है। इसी तरह जिस हिस्से पर अतिक्रमण हटाया जाना है वह हिस्सा रनवे की पक्षिमी उत्तरी बाउण्ड्री का है जो अमृत पार्क से लगा हुआ है। इसी तरह से रनवे के पूर्वी दक्षिणी बाउण्ड्री के हिस्से से भी अतिक्रमण हटाया जाना है। इसका कुल रकबा साढ़े चार एकड़ के लगभग है।

हटाई जाएंगी वीएफआर बाधाएं

विमान की उड़ान में बाधक माने जाने वाले अवरोधों को हटाया जाएगा। वीएफआर नियमों के तहत रनवे से विमान की सुरक्षित उड़ाने के लिए सुरक्षित उंचाई तय की गई है जिस पर कोई निर्माण नहीं होना चाहिए। अभी हवाई पट्टी के पश्चिमी हिस्से में 47 बाधाएं और पूर्वी हिस्से में 21 बाधाएं मानी गई है जो सुरक्षित उड़ान के लिए खतरनाक हो सकती है। इस तरह कुल 68 बाकओं को चिन्हित कर दिया गया है।

यह है कोड 3सी एयरपोर्ट

रनवे की लंबाई 1200 मीटर से अधिक लेकिन 1500 मीटर से कम। सी अक्षर विमान के पंखों के फैलाव दर्शाता है। 'सी' श्रेणी में 24 मीटर से अधिक और 36 मीटर से कम विंगस्पेन वाले विमान आते है। इसमें एटीआर 72. एयरबस ए320. बोइंग 737 आदि विमान आते हैं। कोड उसी एयरपोर्ट में मध्यम आकार के 72 सीटर विमानों का संचालन होगा।

ये बाधाएं हुई चिन्हित

पश्चिम में 3 बाउंड्री वाल 5 मोबाइल टावर, 7 बिल्डिंग पर रखी टंकियां 3 टेलीफोन पोल, 5 इलेक्ट्रिक पोल, 7 भवन, 1 चबूतरा 6 पौधों का समूह 3 लाइट पोल, 2 छात्रावास बाउंड्री 2 स्कूल और 2 अस्थाई सड़क शामिल हैं। पूर्वी छोर पर 2 बाउंड्री वाल, 12 इलेक्ट्रिक पोल और 6 लाइट पोल की बाधाएं चिह्नित की गई हैं। (MP news)