
सतना। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में भर्ती फर्जीवाड़ा सामने आया है। हरियाणा में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में 233 अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग द्वारा वर्ष 2025 में भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। सिपाही और जीडी के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रस्ताव जारी कर ग्रुप केन्द्र गुरुग्राम में ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया था। इसमें मध्यप्रदेश के बालाघाट और सतना जिले के दो अभ्यर्थियों के नाम पर अन्य लोग ज्वाइनिंग देने पहुंचे। बायोमेट्रिक जांच में ये दोनों फर्जी युवक पकड़ में आ गए। सतना जिले के नैना सगमनिया निवासी ब्रजेश सिंह के दस्तावेजों पर गौरव शर्मा ज्वाइनिंग देने पहुंचा था। जिसे पकड़ लिया गया है। इधर ब्रजेश की तलाश में हरियाणा पुलिस बुधवार को नैना सगमनिया पहुंची। नैना सरपंच के मुताबिक यह पहला मामला नहीं है इस तरह के दो और मामले में अन्य प्रांतों की पुलिस यहां आ चुकी है। इससे यह साबित हो रहा है कि नैना सगमनिया के निवासियों के नाम पर कोई बड़ा भर्ती रैकेट संचालित हो रहा है। मामले में सतना शहर के कुछ सीएससी और एमपी ऑन लाइन सेंटर वाले भी राडार में आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी तरह का गड़बड़झाला फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में सामने आ चुका है।
सीआरपीएफ भर्ती वर्ष 2025 में हुआ फर्जीवाड़ा
जानकारी के अनुसार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सीआरपीएफ में सिपाही जीडी भर्ती वर्ष 2025 के लिए 233 विज्ञापित किए जाकर परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें मध्यप्रदेश निवासी अमित पिता दिनेश सिंह निवासी बालाघाट और ब्रजेश सिंह पिता पूरण सिंह गांव सगमनिया नैना जिला सतना सफल घोषित किए गए। इन दोनों सहित सभी उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रस्ताव भेजते हुए 2 फरवरी 2026 को ग्रुप केन्द्र गुरुग्राम में रिपोर्ट करने कहा गया। इस अवधि में ये दोनों उम्मीदवार नहीं पहुंचे। इन्हें स्मरण पत्र जारी कर 25 मार्च 2026 तक ग्रुप केन्द्र गुरुग्राम में रिपोर्ट करने कहा गया। 10 मार्च को दोनों ने रिपोर्टिंग की। इनकी बायोमेट्रिक जांच की गई तो ये फर्जी निकले।
नही हुआ बायोमेट्रिक मिलान
अमित और ब्रजेश का बायोमेट्रिक मिलान नहीं हुआ। आधार कार्ड में लगी फोटो और डोजियर में संलग्न आधार की फोटो भी मिलान नहीं कर रही थी। इस पर इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। अमित की जगह पहुंचा व्यक्ति जिसका नाम पता नहीं चल सका है वह थाना ले जाते समय पेशाब का बहाना बनाकर भाग गया। वहीं ब्रजेश के स्थान पर पहुंचे व्यक्ति ने अपनी पहचान गौरव शर्मा पिता डालचंद्र शर्मा निवासी गांव अंबरपुर जिला धोलपुर राजस्थान बताया।
दस्तावेजों में छेड़छाड़
गौरव ने बताया कि अपने आधार कार्ड में ब्रजेश सिंह का नाम, पता और जन्मतिथि एडिट करवा कर अपना आधार कार्ड बनवाया था। इसके अलावा ब्रजेश सिंह का जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। जो कि सतना जिले के नैना सगमनिया गांव का था। इस आधार पर हरियाणा पुलिस ने थाना गुरुग्राम सेक्टर 65 में इनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। अब ब्रजेश और उसके दस्तावेजों की पड़ताल के लिए सतना पहुंची है।
एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर
ब्रजेश सिंह के वर्ष 2025 के बने जाति प्रमाण पत्र की जांच में पाया गया कि इसमें राजेश शाही के हस्ताक्षर हैं जबकि इस अवधि में वे यहां पदस्थ ही नहीं थे। इसके अलावा निवास प्रमाण पत्र भी फर्जी बनाया जाना पाया गया है। निवास प्रमाण पत्र बनवाने में सतना के एक सीएससी और ज्ञानेन्द्र तिवारी नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने जाति प्रमाण पत्र फर्जी बनाए जाने की पुष्टि करते हुए प्रतिवेदन हरियाणा पुलिस को दिया है।
"ब्रजेश सिंह का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया है। निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज भी फर्जी पाए गए हैं।"- राहुल सिलाडिया, एसडीएम सिटी
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Updated on:
21 May 2026 10:48 am
Published on:
21 May 2026 10:47 am
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