वार्ड-43 : पौने तीन करोड़ के काम होने के बाद भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे लोग
सतना . वार्ड 43 में बनया गया मुक्तिधाम अतिक्रमण का शिकार हो गया है। वार्ड में पाइपलाइन बिछने के बाद भी आम जनता को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। वार्ड की जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। कई बार वार्ड की जनता पार्षद के साथ अतिक्रमण के लिए आवाज भी उठाई, लेकिन समस्या का हल नहीं हुई। निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार अतिक्रमण के कारण काम नहीं कर पा रहे है।
वार्ड में पीएम आवास के लिए आठ सौ फॉर्म भरे गए, लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद भी कई लोगों ने पैसा नहीं जमा कराया। इससे इन लोगों को आवास नहीं मिले हैं। अमृत जल की लाइन बिछने के बाद भी पानी के लिए जनता परेशान है। शहर के सबसे बड़ी टंकी टिकुरिया टोला में होने के बाद भी आम जनता पेयजल के लिए परेशान है। पेयजल के लिए पाइप लाइन डाली गई, लेकिन अब भी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
पार्क की दरकार
वार्ड में आम जनता ने पार्क की आवश्यकता जताई है। बच्चों के लिए खेल का मैदान नहीं है। शौचालय न होने के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड के हरिजन बस्ती के लोग आज भी खुले में शौच के लिए जाते हैं। सुलभ शौचालय के लिए लिखित शिकायत के बाद भी समस्या का निदान नहीं है। सर्वाधिक काम होने के बाद भी मूलभूत समस्या से आम जनता जूझ रही है।
वार्ड में पौने तीन करोड़ के काम हो चुके हैं। मुक्तिधाम का काम अतिक्र मण के कारण नहीं हो पा रहा है। सामुदायिक भवन बन कर तैयार होने जा रहा है। पार्क के लिए प्रयास जारी है। पेयजल के लिए प्रयास जारी हैं।
अरुणा दाहिया, पार्षद
पेयजल की समस्या से सभी जूझ रहे हैं। पाइपलाइन बिछने के बाद भी आज तक पानी की समस्या हल नहीं हुई। नालियों की सफाई नहीं होती।
- इंद्रभान कुशवाहा
वार्ड में पार्क होना चाहिए। इतना बड़ा क्षेत्र होने के बाद भी आज तक खेल का मैदान भी नहीं है। सड़के खुदी पड़ी है। नालियों की मरम्मत होना चाहिए।
- भैया लाल चौधरी
मुक्तिधाम के चारों तरफ अतिक्रणकारियों ने कब्जा कर लिया है जिसे हटाया जाना चाहिए। सड़कें टूटी है जिस कारण पैदल चलने में दिक्ïकत हो रही है।
- अमर सिंह
नालियों की सफाई न होने के कारण गंदगी फै ली रहती है। सफाई कर्मी कम होने के कारण यह दिक्ïकत व्याप्त है। शिकायत को कोई सुनता
नहीं है।
- शरद जायसवाल
पेयजल के लिए भटकना पड़ता है। पाइपलाइन बिछने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक पेयजल समस्या हल नहीं हुई।
- सतीश सिंह
वार्ड में शौचालय न होने के कारण अधिकतर लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। सुलभ शौचालय के लिए कई बार कहने के बाद भी आज तक व्यवस्था नहीं हुई है।
- शकीला बेगम