
सतना। राज्य शासन ने गुरुवार की रात भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इसमें 2015 बैच की आईएएस अधिकारी बिदिशा मुखर्जी को मैहर जिले का कलेक्टर बनाया गया है। इसके साथ ही वर्तमान कलेक्टर रानी बाटड को उपसचिव सहकारिता की जिम्मेदारी देते हुए भोपाल भेजा गया है। वे शनिवार को पदभार ग्रहण करेंगी।
बिदिशा अभी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी देख रही थीं। इसके पूर्व उन्होंने मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड में अपर प्रबंध संचालक जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। इसके अलावा वे सीईओ हाउसिंग बोर्ड, सीईओ साडा ग्वालियर, एडीएम उज्जैन, गुना, ग्वालियर, जिपं सीईओ टीकमगढ जैसी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। पत्रिका को उन्होंने बताया कि विंध्य उनके लिए बिल्कुल नया क्षेत्र है। हालांकि जबलपुर में पदस्थापना के दौरान विन्ध्य को भी करीब से देखा हुआ है। उन्होंने कहा कि मैहर धार्मिक स्थल है लिहाजा प्राथमिकता में मां शारदा मंदिर और यहां की कानून व्यवस्था ही रहेगी। इसके अलावा समर्थन मूल्य खरीदी का सीजन भी है लिहाजा इस पर भी फोकस किया जाएगा। इसके बाद जिले को समझने के साथ-साथ प्राथमिकताएं तय करेंगे। हालांकि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती मां शारदा लोक का निर्माण माना जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जानी है और मां शारदा प्रबंध समिति द्वारा 50 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि देने पर भी सहमति बन चुकी है। इसके अलावा शारदा लोक प्रथम चरण में बाधक बनने वाले अवैध निर्माण और बस्ती पर भी उन्हें ठोस निर्णय लेने होंगे। नव गठित जिले में कई निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करवाना भी उनके लिए चुनौती ही माना जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग राजनीतिक धड़ों के बीच सामंजस्य के साथ उनके प्रशासन पर भी लोगों की नजर होगी।
रानी का 2 वर्ष 6 माह का रहा कार्यकाल
रानी बाटड का मैहर जिले में 2 वर्ष 6 माह का कार्यकाल रहा। नव गठित जिले की कमान संभालने के साथ उन्होंने मैहर को तेजी से जिले की भूमिका के लिए तैयार किया। तमाम विभागों के कार्यालय स्थापित करवाएं। नया कलेक्ट्रेट भवन का काम प्रारंभ करवाया। पुलिस लाइन, एसपी कार्यालय की दिशा में भी तेजी से काम हुए। मां शारदा लोक के लिए उन्होंने काफी तेजी से प्रयास और समन्वय किए। नतीजा यह रहा कि चित्रकूट के रामलोक से पहले इसकी स्वीकृति और कार्य प्रारंभ की स्थिति पहुंच चुकी है। आंगनबाड़ी और स्कूलों के सुधार की दिशा में उन्होंने काफी काम किया। मैहर शारदा मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार गंभीर रहीं और व्यवस्थागत कई सुधार किए। अपनी तेज तर्रार छवि के लिए पहचानी जाने वाली कलेक्टर रानी बाटड ने मैहर में बड़े पैमाने पर आदिवासियों को उनकी अपनी जमीनों का भू-स्वामी बनाया। ये जमीने फर्जीवाड़े से दूसरे लोगों के नाम पर हो गई थी। इसी तरह कई निजी हो चुकी जमीनों को सरकारी दर्ज किया। मैहर में मां शारदा लोक को टेंडर प्रक्रिया के करीब तक ला दिया। सरकारी खजाने में बजट की कमी होने के बाद भी पहले चरण की शुरुआत का रास्ता शारदा प्रबंध समिति के सहयोग के सहारे खोला।
Updated on:
10 Apr 2026 09:54 am
Published on:
10 Apr 2026 09:53 am
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