वार्ड 44 : पेयजल समस्या से जूझ रहे निगम अध्यक्ष के वार्ड लोग, सड़कों की हालत भी खराब
सतना. वार्ड नंबर 44 निगम अध्यक्ष अनिल जायसवाल का वार्ड है, लेकिन यहां के हाल भी किसी से छिपे हुए नहीं हैं। मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे वार्ड की बड़ी समस्या पेयजल है। वार्ड के दबंग लोगों ने टिकुरिया टोला में बनी पानी टंकी को जाने वाली राइजिंग लाइन से सीधे कनेक्शन ले लिए हैं। इससे सप्लाइ वाली टंकी पूरी तरह नहीं भर पाती। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन दबंगों का सत्ता पक्ष के लोगों का जुड़ाव है। लिहाजा, शिकायत करने के बाद भी ये अवैध कनेक्शन नहीं काटे जा रहे हैं। इसलिए इन कुछ लोगों के कारण वार्ड के 2000 से ज्यादा लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वार्ड से गुजरने वाले नाले पर भी ेबाहुबलियों ने कब्जा कर लिया है। जल निकासी का २० फीट चौड़ा नाला महज 5 फीट में सिमटकर रह गया। अवैध कनेक्शन से अमृत योजना की पानी सप्लाई व्यवस्था भी सफल होती नहीं दिख रही है। नाली की सही व्यवस्था नहीं होने से पानी घरों में घुसता है। वार्ड के कई इलाके अभी भी पक्की सड़कों से महरूम हैं और जो सड़कें बनी हैं, जहां सड़क है वह भी जगह जगह से टूटी होने से किसी काम की नहीं है।
सरकारी नलों पर कब्जा
पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों का कहना है कि वार्ड के तीन सरकारी नलों पर जबरिया कब्जा कर लिया गया है। इसकी कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अराजकता का आलम यह है कि सरकारी नल को घर के अंदर कर लिया गया है। इतना ही नहीं कई लोग तो पैसे लेकर पानी देते हैं। वार्ड में कई इलाके ऐसे हैं जहां रात में स्ट्रीट लाइट नहीं जलती हैं। कुछ क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट दो दिन जलने के बाद बंद हैं।
जल संकट को लेकर गली में रोज लड़ाई होती है। पाइपलाइन का पानी अभी तक नहीं आया है। कई बार शिकायत भी की गई पर समस्या हल नहीं हुई है।
मुन्नी देवी
नई पाइपलाइन बिछाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। नालियों की सफाई होती नहीं है। कई बार शिकायत की गई पर ननि के सफाईकर्मी सुनते ही नहीं हैं।
सुनील रैकवार
रात में खंभों पर लगी लाइट नहीं जलती है। इससे अंधेरा रहता है। नाले की सफाई कई साल से नहीं हुई है। बारिश के दौरान घरों में पानी भरता है। सड़कें पूरी तरह टूट गई हंै।
शांति कुशवाहा
वार्ड में बिजली का खंभा न होने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक ध्यान नहीं दिया गया।
आबिद खान
पाइपलाइन सही तरीके से नहीं बिछाई गई है। इससे पेयजल सप्लाई में दिक्कत हो रही है। सरकारी नलों पर कुछ लोगों का कब्जा है जिससे समस्या और विकराल हो गई है।
अखंड प्रताप कुशवाहा
नाले के आसपास हो रहे अतिक्रमण के कारण दिक्कत बढ़ गई है। कई बार कहने बाद भी आज तक कुछ नहीं हुआ है। सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
भोला प्रसाद गुप्ता
वार्ड के कई इलाकों में न सड़क है और न पानी-बिजली। इससे आम जनता को काफी दिक्कत होती है। लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन कोई सुनने देखने वाला नहीं है।
शिव कुमार कुशवाहा
तीन माह से पेयजल को लेकर काफी दिक्कत हो रही है। कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गुलशेर खान
वार्ड में काम हुए हैं। ठेकेदार की लापरवाही के कारण पेयजल संकट हो रहा है। पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंचा है। पेयजल संकट के निदान के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बांस नाका के पास अतिक्रमण से स्थिति जरूर चिंताजनक है, जिसका हल निकालना होगा।
अनिल जायसवाल, स्थानीय पार्षद एवं निगम अध्यक्ष