UP के EX CM सतना के नेताओं को नहीं दिए भाव, देखिए किस तरह माला लिए खड़े रहे कार्यकर्ता
सतना।मध्य प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर आए सपा के मुखिया एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सतना शहर से गुजरते हुए स्थानीय नेताओं को भाव नहीं दिए। बताया गया कि जैसे ही सपा के कार्यकर्ताओं को अखिलेश के दौरे की जानकारी लगी तो तो फूल-माला लेकर सेमरिया चौराहे पर एकत्र हो गए। कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर अखिलेश यादव ने अपनी कार का शीशा खोला और हाथ दिखा कर रवाना हो गए। कुछ लोग कार के पीछे-पीछे तक दौड़े लेकिन सपा मुखिया ने किसी भी नेता की आव-भगत स्वीकार नहीं की। हालांकि फिर एक कार कंपनी के डीलर घर में एक घंटे रुकते हुए छतरपुर के लिए रवाना हो गए।
मध्यप्रदेश में तलाश रहे राजनीतिक जमीन
बता दें कि, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मध्यप्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। साल 2018 के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव आयोजित होने जा रहे है। इसीलिए समाजवादी पार्टी ने 6 माह पहले ही ही फिल्डिंग जमानी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव की नजरें आगामी एमपी के विधानसभा चुनाव पर उत्तर प्रदेश से सटे जिलों पर है। पूर्व सीएम अखिलेश मध्यप्रदेश के तीन दिनी दौरे पर है।
समाजवादी जागरूकता सम्मेलन का किया शंखनाद
मध्यप्रदेश में चुनावी कार्यक्रम का शंखनाद शुक्रवार को सीधी जिले के सेमरिया में समाजवादी जागरूकता सम्मेलन से किया। सभा को संबोधित करते हुए उपस्थित लोगों को खूब चुनावी लॉलीपॉप दिए। मप्र में तीसरे विकल्प के रूप में मजबूत दावेदारी करने की बात करते हुए प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर कई लुभावने वायदे भी करने से पीछे नहीं रहे। कहा, यदि आप सब लोगों के सहयोग से मप्र में सपा गठबंधन सरकार बनाती है तो यहां की गरीब और जरूरतमंद लोगों को योजना का बराबर लाभ मिलेगा।
साइकिल पर सवार हुए भंवर
कांग्रेस के बाद भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व विधायक केके सिंह भंवर भाजपा को अलविदा बोलकर फिर साइकिल पर सवार हो गए। वे सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सेमरिया में आमंत्रित कर उनके हाथों सपा की सदस्यता ग्रहण किए। अखिलेश यादव ने सपा की टोपी पहनाकर पार्टी में आने पर स्वागत किया गया। बताते चलें कि केके सिंह भंवर इससे पूर्व भी समाजवादी पार्टी मे शामिल होकर सपा के सिंबल से गोपद बनास विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, और भाजपा कांग्रेस को सिकस्त देते हुए विधायक निर्वाचित हुए थे।