सतना में स्ट्रीट फूड लवर की कोई कमी नहीं है। यहां स्वाद के दीवाने लाखों का समोसा कचौरी चाट चट कर जाते हैं। इन स्वाद के दीवानों को मिलने वाली है स्ट्रीट फूड हब की सौगात, जहां लोकल होगा वोकल...
सतना में स्ट्रीट फूड लवर की कोई कमी नहीं हैं। यहां स्वाद के दीवाने सुबह से शाम तक लाखों रुपए के समोसा, कचौरी, चाट चट कर जाते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए शहर में 4 करोड़ रुपए की लागत से स्ट्रीट फूड हब तैयार किया जाने वाला है। नगर निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस स्थल पर स्ट्रीट फूड, लोकल व्यंजन की दुकानें होंगी और सबसे बड़ी बात होगी कि पूरा संचालन एफएसएसएआई के मापदंडों पर होगा। कुछ इसी तरह का हब चित्रकूट में खुलेगा और दोनों अंतरराष्ट्रीय मानको पर तैयार किए जाएंगे।
6 नगर निगम में सतना शामिल
नगरीय प्रशासन विभाग प्रदेश में प्रमुख पर्यटन स्थल, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों पर स्ट्रीट फूड हब विकसित करेगा। पीएम स्वनिधि योजना के तहत अंतर राष्ट्रीय स्तर के फूड हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए चयनित नगर निगम और नगर परिषदों से प्रस्ताव चाहे गए हैं। प्रथम चरण की शुरुआत सहित 6 नगर निगम और चित्रकूट सहित पांच नगर परिषदों से होगी। प्रत्येक स्ट्रीट फूड हब को भारत सरकार द्वारा 4 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी साथ ही संबंधित नगरीय निकाय को 25 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। दरअसल भारत सरकार का आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत देश के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों पर स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को प्रोत्साहन देना, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित एवं स्वच्छ खाद्य क्षेत्र विकसित करना तथा पर्यटकों एवं नागरिकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध करवाना है। इसे लेकर प्रदेश स्तर से प्रस्ताव चाहे गए हैं।
इन स्थानों का हुआ चयन
मध्यप्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत नगर निगमों में सतना, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन का चयन किया है। नगर परिषदों में चित्रकूट, खजुराहो, चंदेरी, धार और मंदसौर का चयन किया गया है।
यह होगा स्ट्रीट फूड हब में
स्ट्रीट फूड हब में ऐसे क्लस्टर होंगे जिनमें कम से कम 50 वेडिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। कुल विक्रेताओं में से कम से कम 50 फीसदी स्ट्रीट फूड विक्रेता होंगे। यहां स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी विक्रेताओं को एफएसएसएआई के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण एवं पंजीयन किया जाएगा।
प्रस्ताव में यह मांगी गई जानकारी
निगम आयुक्त और नगर परिषद सीएमओ द्वारा जो प्रस्ताव चाहा गया है वह भारत सरकार को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव में चयनित स्थान का पूरा ब्यौरा, यूनिट की संख्या, साइट प्लान और डिजाइन, अपशिष्ट प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था, संचालन और रखरखाव, ब्रांडिंग एवं पर्यटक आकर्षण की योजना सहित प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत की जानाकारी चाही गई है। इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति के बाद 9 माह में स्थल को विकसित करना होगा।
टाउन हाल के बगल में स्थल चयन
नगर निगम ने स्ट्रीट फूड हब के लिए स्थल चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। अभी प्रारंभिक तौर पर दो स्थल देखे गए हैं। पहली प्राथमिकता टाउन हाल के बगल में स्थित मैदान को चयनित किया गया है। यहां अभी भी चौपाटी का संचालन हो रहा है लेकिन यह नियोजित तरीके से नहीं चल रही है। इसके अलावा रीवा रोड में सीताराम पेट्रोल पंप के आगे इंडस्टि्रयल एरिया मोड़ पर स्थित पार्क की जमीन को भी देखा गया है। निगमायुक्त शेर सिंह मीना ने बताया कि अभी प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है। संभावित स्थल के हिसाब से प्रपोजल तैयार किया गया है। उधर चित्रकूट नगर परिषद में स्ट्रीट फूड हब के लिए स्थल चयन नहीं हो सका है। जबकि चित्रकूट में देशभर के श्रद्धालु आते हैं। यहां पर स्ट्रीट फूड हब से न केवल लोगों को सभी व्यंजन मिल सकेंगे बल्कि यहां के स्थानीय व्यंजनों से भी लोग परिचित होंगे। लेकिन अभी यहां हीलाहवाली की स्थिति नजर आ रही है।
चटखारे वाला चाट
सतना में स्ट्रीट फूड का अलग क्रेज है। लोग सुबह से शाम तक में लाखों रुपए के समोसा, कचौरी, चाट चट कर जाते हैं। सिंधी कैंप, भरहुत नगर, पतेरी मोड़, खेरमाई रोड, रीवा रोड, सेमरिया चौक पर लगने वाली दुकानों और ठेलों पर लोगों को स्वाद के चटखारे लेते हुए देखा जा सकता है।
ये हैं सतना के फेवरेट स्ट्रीट फूड