
रीवा। बाल संप्रेक्षण बंदी गृह में बंद अपचारी बालकों को बिना आदेश के बाहर ले जाना और उनसे घरेलू काम कराना अधीक्षक को महंगा पड़ गया। पुलिस ने उनके खिलाफ अपहरण का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की है।
दरअसल, बाल संप्रेक्षण बंदी गृह से अपचारी बालकों के भागने के बाद यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे। इसी बीच महिला बाल विकास विभाग से मिले जांच प्रतिवेदन ने अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इसमें बताया गया कि बाल संप्रेक्षण बंदी गृह में तत्कालीन अधीक्षक अनिल जैन यहां बंद आपचारी बच्चों को बिना किसी आदेश के बाहर ले जाते थे और उनसे घरेलू काम करवाया करते थे। बिना आदेश काम लेने का यह सिलसिला कई महीनों तक चला।
मामला सामने आया तो विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही महिला बाल विकास विभाग के सहायक संचालक आशीष द्विवेदी ने समान थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तत्कालीन अधीक्षक अनिल जैन के खिलाफ धरा 363, किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 79 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध मामले की जांच शुरू की है।
जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा, सात अपचारी बालकों को लेकर गए थे घर
यह पूरा मामला अधिकारियों के संज्ञान में एक शिकायत के माध्यम से आया था। अनाधिकृत रूप से बच्चों को बाहर निकालने की शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच कराई तो जुलाई 2021 से नवम्बर 2021 के बीच बाल संप्रेक्षण बंदी गृह में बंद रहे सात अपचारी बालकों ने इस बात की पुष्टि की। अधीक्षक द्वारा घर ले जाने के साक्ष्य सामने आने पर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
कठघरे में संप्रेक्षण बंदी गृह की सुरक्षा व्यवस्था
बाल संप्रेक्षण बंदी गृह की सुरक्षा व्यवस्था कठघरे में खड़ी हो गई है। हाल ही में यहां से आठ बच्चे छत सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फरार हो गए थे। दो को रतहरा से पकड़ लिया गया है। जिन्होंने यह बोलकर सनसनी फैला दी थी कि छत के दरवाजे की चाभी अधीक्षक उन्हें देकर रखते थे। पहले भी यहां सुरक्षा में चूक कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन हर बार व्यवस्था सुधारने के सिर्फ दावे किए गए है। जमीनी स्तर पर उसे सुधारने का प्रयास नहीं किया गया।
मामला पंजीबद्ध किया गया है
बाल संप्रेक्षण बंदी गृह के तत्कालीन अधीक्षक के खिलाफ अपहरण का मामला पंजीबद्ध किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग से इस संबंध में शिकायत मिली थी। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
जेपी पटेल, थाना प्रभारी समान