लोक आस्था का महापर्व डाला छठ
सतना. चार दिनों तक मनाया जाने वाला सूर्य उपासना का महापर्व डाला छठ बुधवार सुबह उदित होते सूर्य देवता के दर्शन के साथ समाप्त हो गया। बुधवार तड़के तीन बजे से संतोषी माता मंदिर तालाब घाट पर मंगलगीत गाते व्रतधारियों का आना शुरू हुआ। यह सिलसिला सूर्योदय के बाद तक जारी रहा। जैसे-जैसे आसमान पर लालिमा निकली उसे देख श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे। तालाब के भीतर गहरे पानी में खड़े होकर लोग अघ्र्य प्रदान करने लगे।
दूधिया रोशनी रही आकर्षण का केंद्र
संतोषी माता का तालाब घाट जनमानस के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। व्रतधारी पीला गेरुआ और लाल रंग के परिधान में रहे। श्रद्धालुओं की टोली रंग बिरंगे परिधानों में आकर्षण का केंद्र रही। तालाब के घाट पर लगाई गई लाइट की दूधिया रोशन मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।
घाटों पर उमड़े श्रद्धालु
पूजा आयोजन समिति और स्वर्णकार समाज द्वारा श्रद्धालुओं को अघ्र्य देने के लिए गाय के दूध का वितरण किया गया। स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष अमित सोनी सुबह से ही श्रद्धालुओं को गाय के दूध साथियों के साथ वितरण करते रहे। पूजा आयोजन समिति ने शांतिपूण आयोजन के लिए इंजीनियर केएल यादव, सिद्धार्थ कुशवाहा, अजय कुमार सोनी, प्रभुदयाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, एनके नामदेव, इंदर यादव, संजय यादव, नारेंद्र पाण्डेय, विकेश गिरी, संजय सिंह, मदन सिंह, चंद्रमणि शर्मा सहित अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।